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योग से मन एक्राग होता है : कर्मवीर
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 17 Jun 2026 06:43 PM IST
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मेरठ..कंवलजीत..सीसीएस यूनिवर्सिटी में हुआ योग के आयोजन में योगा कराते स्वामी कर्मवीर महाराज....
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सीसीएसयू में चल रहे योग शिविर में योग और प्राकृतिक जीवनशैली के बारे में बताया
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय योग शिविर के तीसरे दिन योग गुरु स्वामी कर्मवीर महाराज ने साधकों को योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्राणायाम मन को शांत और स्थिर बनाकर मानसिक एकाग्रता एवं आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है।
स्वामी कर्मवीर महाराज ने जलंधर बंध, उड्डीयान बंध, चंद्र प्राणायाम, सूर्य प्राणायाम, प्राणायाम, नाड़ी चंद्र प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम सहित विभिन्न योगाभ्यासों की विधि एवं उनके लाभ बताए। उन्होंने पीठ और पेट संबंधी रोगों के लिए विशेष योगाभ्यास कराए।
उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और वैराग्य के माध्यम से चंचल मन को नियंत्रित किया जा सकता है। योग दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चित्त वृत्तियों का निरोध ही योग है और वास्तविक शांति एवं आनंद की प्राप्ति मन की चंचलता समाप्त होने पर ही संभव है।
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उन्होंने थायरॉयड सहित विभिन्न सामान्य रोगों के लिए आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा के उपाय बताए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्णा यादव, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय योग शिविर के तीसरे दिन योग गुरु स्वामी कर्मवीर महाराज ने साधकों को योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्राणायाम मन को शांत और स्थिर बनाकर मानसिक एकाग्रता एवं आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है।
स्वामी कर्मवीर महाराज ने जलंधर बंध, उड्डीयान बंध, चंद्र प्राणायाम, सूर्य प्राणायाम, प्राणायाम, नाड़ी चंद्र प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम सहित विभिन्न योगाभ्यासों की विधि एवं उनके लाभ बताए। उन्होंने पीठ और पेट संबंधी रोगों के लिए विशेष योगाभ्यास कराए।
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उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और वैराग्य के माध्यम से चंचल मन को नियंत्रित किया जा सकता है। योग दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चित्त वृत्तियों का निरोध ही योग है और वास्तविक शांति एवं आनंद की प्राप्ति मन की चंचलता समाप्त होने पर ही संभव है।
उन्होंने थायरॉयड सहित विभिन्न सामान्य रोगों के लिए आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा के उपाय बताए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्णा यादव, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।