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Mirzapur News: पहली ही बारिश में आमघाट पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त
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क्षतिग्रस्त आमघाट पुल का एप्रोच मार्ग। स्रोत- वीडियो
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मिर्जापुर। शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण आमघाट पुल पहली ही बारिश के बाद चर्चा में आ गया है। पुल जहां से शुरू होता है, वहीं एप्रोच मार्ग का किनारा भरभराकर गिर गया। मिट्टी के कटान से सड़क के किनारे का हिस्सा धंसने के बाद स्थानीय लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने से सड़क और पुल को लेकर भी खतरे की आशंका जताई जा रही है। सेतु निगम का कहना है कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। केवल एप्रोच मार्ग के किनारे मिट्टी का कटान हुआ है, जिसकी मरम्मत जल्दी करा दी जाएगी।
आमघाट रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण रेलवे फाटक संख्या-3 के पास कराया गया। परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2024 में शुरू हुआ और 2026 में पूरा होने के बाद इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। परियोजना का उद्देश्य आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को समाप्त करना और शहर के यातायात को बेहतर बनाना था। परियोजना के तहत निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश सेतु निगम की तरफ से 66 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आमघाट पुल शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके बनने से आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिली है और चुनार तथा वाराणसी की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बिना फाटक पर रुके आवागमन की सुविधा मिली है। पुल बनने से यात्रा का समय भी कम हुआ है। उधर, निर्माण के बाद पहली ही बारिश में एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से लोगों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि जब पहली बरसात में यह हाल है तो आगे पुल को भी खतरा हो सकता है। आमघाट पुल बनने के बाद से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगा था। सड़क बनाने की गुणवत्ता के साथ एप्रोज मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम को लेकर सवाल उठ रहा था। अब पुल का एप्रोच मार्ग ही गिरने से लोगों को पुल को लेकर खतरा महसूस हो रहा है। पुल पर भी मार्ग पर भी सड़क में कई जगह दरारें आ गईं हैं। परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा ने बताया कि पुल के शुरुआती हिस्से में बारिश के कारण मिट्टी निकल गई है और कटान हुआ है। सुरक्षा के लिए मौके पर बोल्डरव बड़े पत्थर डालकर जाली लगाई जाएगी, ताकि दोबारा कटान न हो। उनका कहना है कि यह पहली बरसात है, इसलिए इस तरह की समस्या सामने आई है। मरम्मत का कार्य जल्दी शुरू कराया जाएगा।उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा का कहना है कि पुल के शुरुआती हिस्से में बारिश से मिट्टी का कटान हुआ है। बोल्डर और जाली लगाकर इसे सुरक्षित किया जाएगा। पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। पहली बरसात होने के कारण यह स्थिति बनी है।
उधर, केंद्रीय मंत्री व जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अतिरिक्त निजी सचिव को निर्देशित किया कि वे जिलाधिकारी से पत्राचार कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराएं। निजी सचिव ने पुल के एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। वहीं जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि पुल के एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। उसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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आमघाट रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण रेलवे फाटक संख्या-3 के पास कराया गया। परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2024 में शुरू हुआ और 2026 में पूरा होने के बाद इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। परियोजना का उद्देश्य आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को समाप्त करना और शहर के यातायात को बेहतर बनाना था। परियोजना के तहत निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश सेतु निगम की तरफ से 66 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आमघाट पुल शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके बनने से आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिली है और चुनार तथा वाराणसी की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बिना फाटक पर रुके आवागमन की सुविधा मिली है। पुल बनने से यात्रा का समय भी कम हुआ है। उधर, निर्माण के बाद पहली ही बारिश में एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से लोगों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि जब पहली बरसात में यह हाल है तो आगे पुल को भी खतरा हो सकता है। आमघाट पुल बनने के बाद से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगा था। सड़क बनाने की गुणवत्ता के साथ एप्रोज मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम को लेकर सवाल उठ रहा था। अब पुल का एप्रोच मार्ग ही गिरने से लोगों को पुल को लेकर खतरा महसूस हो रहा है। पुल पर भी मार्ग पर भी सड़क में कई जगह दरारें आ गईं हैं। परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा ने बताया कि पुल के शुरुआती हिस्से में बारिश के कारण मिट्टी निकल गई है और कटान हुआ है। सुरक्षा के लिए मौके पर बोल्डरव बड़े पत्थर डालकर जाली लगाई जाएगी, ताकि दोबारा कटान न हो। उनका कहना है कि यह पहली बरसात है, इसलिए इस तरह की समस्या सामने आई है। मरम्मत का कार्य जल्दी शुरू कराया जाएगा।उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा का कहना है कि पुल के शुरुआती हिस्से में बारिश से मिट्टी का कटान हुआ है। बोल्डर और जाली लगाकर इसे सुरक्षित किया जाएगा। पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। पहली बरसात होने के कारण यह स्थिति बनी है।
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उधर, केंद्रीय मंत्री व जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अतिरिक्त निजी सचिव को निर्देशित किया कि वे जिलाधिकारी से पत्राचार कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराएं। निजी सचिव ने पुल के एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। वहीं जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि पुल के एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। उसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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