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Mirzapur News: बारिश में सड़कों पर संभलकर चलें, हर कदम पर हादसे का खतरा
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रामबाग तिरमुहानी पर टूटा सीवर का ढक्क, संवाद
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मिर्जापुर। जिले में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की हालत बदतर कर दी है। कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के बीच सड़कें धंस गई हैं, जबकि जगह-जगह सीवरलाइन के टूटे ढक्कन और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शहर के नारघाट, रामबाग, लोहिया तालाब, लालडिग्गी, नटवां-सबरी मार्ग, भरूहना और स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है। जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। शहर से विंध्याचल धाम जाने वाले सबसे व्यस्त और पुराने मार्गों में शामिल लोहिया तालाब रोड पर एक साल पहले ही लाखों रुपये खर्च कर आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य यह था कि हर साल सड़क धंसने की समस्या समाप्त हो जाए, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क फिर धंस गई थी। अब एक साल बाद भी दो स्थानों पर सड़क धंस चुकी है और दो जगह सीवर बैठ गया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। नारघाट क्षेत्र में काली मंदिर तिराहे के पास सड़क बीचोबीच धंस गई है, जबकि एक अन्य स्थान पर सीवर ढक्कन के आसपास सड़क टूट चुकी है। रामबाग-रैदानी कॉलोनी मार्ग के तिराहे पर सीवर का ढक्कन पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बारिश के दौरान यह स्थान दिखाई नहीं देता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे अधिक खतरा बना हुआ है।
बारिश के कारण लालडिग्गी, स्टेशन रोड, भरूहना और नटवां-सबरी मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद क्षतिग्रस्त सड़कों और सीवरलाइन के ढक्कनों की मरम्मत नहीं कराई गई। सावन के दौरान विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इन मार्गों पर आवागमन भी अधिक है। ऐसे में यदि जल्दी सुधार कार्य नहीं कराए गए तो कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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शहर के नारघाट, रामबाग, लोहिया तालाब, लालडिग्गी, नटवां-सबरी मार्ग, भरूहना और स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है। जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। शहर से विंध्याचल धाम जाने वाले सबसे व्यस्त और पुराने मार्गों में शामिल लोहिया तालाब रोड पर एक साल पहले ही लाखों रुपये खर्च कर आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य यह था कि हर साल सड़क धंसने की समस्या समाप्त हो जाए, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क फिर धंस गई थी। अब एक साल बाद भी दो स्थानों पर सड़क धंस चुकी है और दो जगह सीवर बैठ गया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। नारघाट क्षेत्र में काली मंदिर तिराहे के पास सड़क बीचोबीच धंस गई है, जबकि एक अन्य स्थान पर सीवर ढक्कन के आसपास सड़क टूट चुकी है। रामबाग-रैदानी कॉलोनी मार्ग के तिराहे पर सीवर का ढक्कन पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बारिश के दौरान यह स्थान दिखाई नहीं देता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे अधिक खतरा बना हुआ है।
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बारिश के कारण लालडिग्गी, स्टेशन रोड, भरूहना और नटवां-सबरी मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद क्षतिग्रस्त सड़कों और सीवरलाइन के ढक्कनों की मरम्मत नहीं कराई गई। सावन के दौरान विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इन मार्गों पर आवागमन भी अधिक है। ऐसे में यदि जल्दी सुधार कार्य नहीं कराए गए तो कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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