UP: पशु तस्करी...अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष समेत तीन अरेस्ट, ऐसे करते थे गोरखधंधा; होगी पूछताछ
UP Crime: मिर्जापुर के सोनवर्षा स्थित गोआश्रय स्थल के केयर टेकर के साथ मिलकर संरक्षित पशुओं की तस्करी करने का मामला सामने आया है। लालगंज थाने की पुलिस आरोप से पूछताछ कर रही है। जिलाध्यक्ष काफी समय से गो-वंश की तस्करी करा रहा था।
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Mirzapur News: मिर्जापुर के लालगंज के सोनवर्षा स्थित गो आश्रय स्थल से गो-वंश की चोरी और उन्हें तस्करों को बेचने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष श्याम बहादुर पटेल, केयर टेकर राजेश कोल और पशु तस्कर दिलीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि गो आश्रय स्थल के केयरटेकर के साथ मिलकर जिलाध्यक्ष काफी समय से गो-वंश की तस्करी करा रहा था। वह ग्राम प्रधान भी है।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि गत मंगलवार को दीपनगर सिरसी संपर्क मार्ग से पशु तस्करी के आरोप में अनिल प्रजापति को पकड़ा गया था। वह सोनभद्र के सरइगढ़ थानाक्षेत्र के रायपुर का रहने वाला है। उसके पास से मिली गाड़ी से पांच गो-वंश मुक्त कराए गए थे। जो गो-वंश मुक्त कराए गए थे उनमें पशु आश्रय का गो-वंश भी शामिल था।
पुलिस ने की कार्रवाई
इस बीच एक पशु तस्कर भाग निकला था। पूछताछ में अनिल प्रजापति ने पुलिस को बताया था कि सोनवर्षा स्थित गो आश्रय स्थल से गो-वंश को चोरी कर बेचा जाता है। इसके बाद मामले की छानबीन शुरू की गई। शुक्रवार को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति वाहन के इंतजार में अमोई नहर की पुलिया पर खड़ा है। घेरेबंदी कर दो दिन पहले भागे पशु तस्कर दिलीप कुमार राम को गिरफ्तार किया गया जो बिहार के भगवानपुर थाना क्षेत्र के कैमूर भभुआ का रहने वाला है।
दिलीप ने ही पुलिस को बताया कि गो-वंश की चोरी करने और उसे तस्करों को बेचने में सोनवर्षा के प्रधान श्याम बहादुर पटेल की संलिप्तता है। वह अपना दल कमेरावादी का जिलाध्यक्ष भी है। इसके बाद पुलिस ने श्याम बहादुर पटेल और गो आश्रय स्थल के केयरटेकर राजेश कोल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
तीन दिन पहले टैग लगे गो-वंश के मिलने पर हुआ खुलासा
पशु आश्रय स्थलों से गो-वंशों की चोरी काफी समय से की जा रही है। आश्रय स्थल के गो-वंश को टैग लगाया जाता है। सीओ लालगंज अमर बहादुर ने बताया कि तीन दिन पहले संतनगर पुलिस ने एक तस्कर को पकड़ा तो उसके पास मिले पांच गोवंशों में से एक पर टैग लगा था। टैग गो आश्रय स्थल सोनवर्षा लालगंज का था। पुलिस ने पकड़े गए तस्कर से पूछताछ शुरू की तो आश्रय स्थल से चोरी का पता चला। ग्राम प्रधान श्याम बहादुर व उसका बेटा तस्करों के साथ मिलकर सोनबरसा स्थित गोशाला से पशुओं की चोरी करता था। इसके बाद आर्थिक लाभ के लिए अवैध तरीके पशुओं को बेच दिया जाता है।
2021 में सरकारी कार्य में बाधा डालने की दर्ज हुई थी प्राथमिकी
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पर 2021 में सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, मारपीट, संपत्ति को नुकसान, आपराधिक विश्वासघात की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पशु तस्कर दिलीप पर गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम का प्रयागराज और सोनभद्र में तीन प्राथमिकी दर्ज है।
26 जनवरी को सूचना मिली थी कि पशु तस्कर मवेशी लेकर जाने वाले हैं। संतनगर, मड़िहान और लालगंज की टीम को लगाया गया। लालगंज में गाड़ी व मवेशी मिले लेकिन तस्कर भाग गए थे। संतनगर में एक तस्कर मवेशी के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि प्रधान श्याम बहादुर पटेल आश्रय स्थल से मवेशी की चोरी करा रहा है। इसके बाद तीन को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। प्रधान एक राजनीतिक पार्टी का जिलाध्यक्ष भी है। - सोमेन बर्मा, डीआईजी
