फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Chunar received the highest rainfall at 90 mm; a temple collapsed, and trees and electricity poles fell.

Mirzapur News: चुनार में सबसे ज्यादा 90 मिमी बरसे मेघ, मंदिर ढहा, पेड़ व बिजली के खंभे गिरे

Fri, 07 Aug 2026 01:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
Chunar received the highest rainfall at 90 mm; a temple collapsed, and trees and electricity poles fell.
जोपा बबुरा मार्ग पर तिराहा के पास सड़क पर जलभराव।- सोशल मीडिया।
मिर्जापुर। बुधवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश का दौर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। जिले में दिनभर रुक-रुककर हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नगर समेत जिगना, चील्ह, सीखड़, नरायनपुर, अदलहाट, हलिया, राजगढ़, ड्रमंडगंज, चुनार, विंध्याचल और अहरौरा क्षेत्र में सड़कें जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा, जबकि घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। स्कूल जाने वाले बच्चों, श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के तहसीलवार आंकड़ों में चुनार सबसे आगे रहा, जहां 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
विज्ञापन

इसके बाद सदर तहसील में 77 मिलीमीटर, लालगंज में 48 मिलीमीटर और मड़िहान में 8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक वर्षा चुनार क्षेत्र में होने से कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए, जबकि विंध्याचल में रेलवे पुलिया पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहे। कई गांवों में सड़कें कीचड़ और पानी से भर गईं, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई। दूसरी ओर लगातार बारिश से धान के खेत लबालब हो गए, जिससे किसानों को राहत मिली और फसल की बढ़वार के लिए अनुकूल स्थिति बन गई। हालांकि जलभराव और खराब रास्तों ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। जिगना, गैपुरा, जोपा, अकोढ़ी, मिश्रपुर, पाली और अन्य संपर्क मार्गों पर जलभराव से यातायात बाधित रहा। कोन विकासखंड के चेतगंज, अनुरुद्धपुर पूरब पट्टी और तिलठी में सड़कें पानी में डूब गईं। सीखड़, मगरहा मार्ग पर तालाब के पास सड़क पर कमर तक पानी भरने से आवागमन लगभग ठप हो गया और कई घरों व दुकानों में पानी घुस गया। नरायनपुर, राजगढ़ और अदलहाट में बाजारों व गलियों में जलभराव से लोगों को घंटों जूझना पड़ा। समदपुर और कौड़ियां कला में जल निकासी न होने से घरों तक पानी पहुंचने की नौबत आ गई। वाराणसी-शक्ति नगर मार्ग पर जल भराव से खतरा बना रहा। हलिया, ड्रमंडगंज और चुनार में कई संपर्क मार्ग जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण जोखिम भरे बने रहे। चुनार के विभिन्न मार्गों पर जगह-जगह जल जमाव की स्थिति बनी रही। स्टेशन से बाजार जाने वाले मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्य के दौरान पटरी की खुदाई कर देने से बारिश का पानी गड्ढे में इकट्ठा होने के कारण गहराई का अंदाजा न लगने से लोग गिरकर चुटहिल हो जा रहे हैं। रेलवे फाटक से बहरामगंज मार्ग पर जल जमाव के बीच लोग आवागमन कर रहे हैं। गंगाघाट स्थित उप डाकघर के प्रवेश द्वार पर व गंगाघाट से रामघाट होते हुए कोतवाली जाने वाले प्रमुख मार्ग पर जगह जगह हुए बड़े गड्ढों में बारिश का पानी इकट्ठा होने से लोगों को आवागमन करने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
विज्ञापन


उधर, विंध्याचल में तेज बारिश के चलते रेहड़ा और पटेगरा रेलवे पुलिया के नीचे पानी भर जाने से श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण कई पैदल यात्री और बाइक सवार फिसलकर घायल हुए। मजबूरी में लोगों ने रेलवे ओवरब्रिज का सहारा लिया। स्थानीय लोगों ने ओवरब्रिज पर प्रकाश व्यवस्था और पुलिया के नीचे स्थायी जलनिकासी की मांग की है। बारिश के चलते कंतित मजार के पास स्थित गयासुद्दीन मजार परिसर में पानी भरा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, बारिश का असर जलाशयों पर भी दिखा। अहरौरा क्षेत्र में 20 से 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अहरौरा जलाशय का जलस्तर करीब डेढ़ फीट बढ़कर 336.5 फीट पहुंच गया, जबकि जरगो जलाशय में दो इंच पानी बढ़ा। बारिश ने जहां जिलेभर में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी और लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं, वहीं किसानों के लिए यह राहत लेकर आई। खेतों में पर्याप्त पानी भरने से धान की रोपाई तेज हो गई है और किसानों का कहना है कि यह बारिश फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

उधर, भीषण बारिश के बीच बृहस्पतिवार को बरियाघाट स्थित नागेश्वर व गंगा माई का मंदिर भरभराकर गिर पड़ा। इस दौरान आसपास खड़े श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। मंदिर गिरने की सूचना मिलते ही आसपास मोहल्लेवासी किसी अनहोनी की आशंका से मौके पर जा पहुंचे। मोहल्लेवासियों का कहना है कि नागेश्वर मंदिर में 12 ज्योर्तिलिंग थे। मंदिर बचाने की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन के साथ ही नगर पालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। बाढ़ के बीच तेजी से हो रहे कटान के चलते दानेश्वर मंदिर को भी खतरा पैदा हो गया है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि बगल में गंगा का कटान रोकने के लिए कार्य तो कराया गया लेकिन बरियाघाट को इससे अछूता रखा गया है। मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार का कहना है कि कटान रोकने के लिए काम कराने का प्रयास किया गया था लेकिन वहां तक सामान पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। चुनार, बारिश में नगर पालिका सीमा अंतर्गत टेकौर मुहल्ले में स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री जूनियर हाईस्कूल की बाउंड्रीवाल बृहस्पतिवार की भोर में गिर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed