Cough Syrup Case: मिर्जापुर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, शुभम जायसवाल गिरोह से जुड़े हैं तार
Mirzapur News: कफ सिरप मामले में पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी बीच मिर्जापुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के तार कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल से जुड़े हैं।
विस्तार
छह महीने पहले बरामद कफ सिरप मामले में चुनार थाने की पुलिस ने सोमवार को आरोपी प्रथम उर्फ किशन जायसवाल व उज्ज्वल केशरी निवासीगण बुलेटन थाना चौक, वाराणसी और अमरजीत कुमार निवासी बेनिया बाग थाना चौक वाराणसी को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपी फर्जी फर्म बनाकर कफ सिरप की सप्लाई करते थे। तीनों का संपर्क कोडीन कफ सिरप तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के गिरोह से था। इस मामले में पुलिस कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है।
क्या है पूरा मामला
चुनार थाने की पुलिस ने 26 अगस्त 2025 को डीसीएम से ओनरेक्स कंपनी का 8374 शीशी कफ सिरप बरामद किया था। पुलिस ने सुनील कुमार बैरागी निवासी मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया था। वह सिरप लेकर मध्य प्रदेश जा रहा था। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी थी। इसके बाद वाराणसी समेत अन्य जिलों में कोडीन कफ सिरप की तस्करी में सरगना शुभम जायसवाल व उसके साथियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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जांच में सामने आई ये बात
जांच में पता चला कि अदलहाट और जमालपुर में नकली फर्म बनाकर कोडीन कफ सिरप बेचा गया था। पुलिस ने आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि अगस्त में बरामद कफ सिरप मामले के तार शुभम जायसवाल गिरोह से जुड़े होने के साक्ष्य मिले थे। इसके बाद चुनार थाने की पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रथम और उज्ज्वल ने अमरजीत से बनवाई थी फर्जी फर्म
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि पुलिस की जांच में आया कि अमरजीत ने अपने कागजात पर फर्जी कंपनी बनाई थी। कंपनी बनाने के लिए प्रथम और उज्ज्वल ने अमरजीत की तलाश की। ये दोनों किसी और के लिए कार्य करते थे। उसके निर्देश पर ही अमरजीत जैसे लोगों को पकड़कर फर्जी कंपनी बनवाते थे। जांच की जा रही है। कुछ अन्य का पता चला है। एसपी ने बताया कि फर्जी फर्म बनाने के बाद खाते से तीन करोड़ का लेन-देन हुआ था। अमरजीत का खाता कोई और प्रयोग करता था। उसकी तलाश की जा रही है।
खरोचा गया था बार कोड
एसपी ने बताया कि अगस्त में बरामद कफ सिरप का बार कोड खरोचा गया था। गिरोह ने यह इसलिए किया था कि यदि पुलिस कफ सिरप पकड़े तो उसको सप्लाई कहां से हुई है, इसके बारे में पता न चल सके। इस कारण पुलिस को कफ सिरप का लिंक तलाशने में समय लगा।