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Mirzapur News: दो दिन पहले खुली बाबा सिद्धनाथ दरी रविवार को उमड़ी सैलानियों की भीड़
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क्षेत्र के सिद्धनाथ दरी पर सैलानियों की जुटी भीड़, स्रोत संवाद
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सक्तेशगढ़। 10 दिनों तक बंद रहने के बाद दो दिन पहले खोली गई बाबा सिद्धनाथ दरी में पहले ही रविवार को सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से शाम तक दरी परिसर पर्यटकों से गुलजार रहा। मानसून की दस्तक के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचे।
बरसात में सक्तेशगढ़ की वादियां, पहाड़ों से गिरते झरने और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बाबा सिद्धनाथ दरी का झरना पूरे वेग से बह रहा है, देखने के लिए परिवार, युवा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। पर्यटक राहुल सिंह, आदर्श, प्रदीप कुमार, अनूप और राकेश ने बताया कि बारिश में यहां का नजारा किसी प्राकृतिक स्वर्ग से कम नहीं लगता। पहाड़ों पर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और झरनों की कल-कल ध्वनि मन को सुकून देती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
बाबा सिद्धनाथ दरी से 10 किलोमीटर दूर स्थित भाना दरी पर भी रविवार को सैलानियों का जमावड़ा लगा रहा। पर्यटक अभिषेक कुमार और पिंटू ने बताया कि भाना दरी तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है और यहां जोखिम भी कम है। दोनों पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।
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बरसात में सक्तेशगढ़ की वादियां, पहाड़ों से गिरते झरने और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बाबा सिद्धनाथ दरी का झरना पूरे वेग से बह रहा है, देखने के लिए परिवार, युवा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। पर्यटक राहुल सिंह, आदर्श, प्रदीप कुमार, अनूप और राकेश ने बताया कि बारिश में यहां का नजारा किसी प्राकृतिक स्वर्ग से कम नहीं लगता। पहाड़ों पर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और झरनों की कल-कल ध्वनि मन को सुकून देती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
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बाबा सिद्धनाथ दरी से 10 किलोमीटर दूर स्थित भाना दरी पर भी रविवार को सैलानियों का जमावड़ा लगा रहा। पर्यटक अभिषेक कुमार और पिंटू ने बताया कि भाना दरी तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है और यहां जोखिम भी कम है। दोनों पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।
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