UP: विंध्यवासिनी मंदिर और कॉरिडोर परिसर में लगे मिले पांच निजी कैमरे, गुपचुप तरीके से हटवाए; इस बात की आशंका
Mirzapur News: मां विंध्यवासिनी मंदिर और कॉरिडोर परिसर में निजी लोगों की ओर से लगाए गए कैमरे सुरक्षा में सेंध माने जा रहे हैं। इन कैमरों से मंदिर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। निकास द्वार पर मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद जांच में मामला सामने आया। पुलिस ने पंडा समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर गोपनीय तरीके से कैमरे हटवा दिए।
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Vindhyachal Temple: विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा में सेंध का बड़ा मामला सामने आया है। जांच से पता चला कि मंदिर व विंध्य काॅरिडोर परिसर में चार निजी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों के जरिये मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर निगाह रखी जाती है। विवाद और मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करके वायरल किए जाते थे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पंडा समाज ने गुपचुप तरीके से कैमरे हटवा दिए। कैमरे लंबे समय से लगवाए गए थे।
मां विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा सख्त है। धाम में ही पुलिस चौकी बनी है। पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती है। मंदिर परिसर में हाई रिजोल्यूशन के एआई कैमरे लगाए गए हैं। फिर भी निजी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी गई। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जब विंध्य काॅरिडोर बना तो कुछ लोगों ने अपने निजी कैमरे लगा दिए।
इसकी जानकारी नहीं मिल पाई थी। कैमरे के जरिये मंदिर में आने-जाने वालों, प्रतिद्वंदी तीर्थ पुरोहितों की गतिविधियों पर निगाह रखी जाती थी। विरोधी पंडों के साथ मारपीट होने की स्थिति में वीडियो वायरल कराया जाता था। मामला सामने आने के बाद ही निजी कैमरे हटवा दिए गए हैं।
गृह मंत्री से मुख्यमंत्री तक ने किए मंदिर में दर्शन
पिछले कुछ साल में विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दर्शन किए थे। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मंदिर आए थे। आरएसएस प्रमुख भी कई बार दर्शन कर चुके हैं। मंत्री, जज, विधायक, सांसद सहित तमाम वीआईपी भी आते हैं। इन सबपर निजी कैमरों के जरिये निगाह रखी जाती थी।
मंदिर में निजी कैमरे लगे थे। इन्हें हटवाने के साथ ही संबंधित लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। - अविनाश कुमार सिंह, सचिव व सिटी मजिस्ट्रेट, विंध्य विकास परिषद
मंदिर में एक-दो लोगों ने निजी कैमरे लगाए थे जिसे शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और पंडा समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हटवा दिया गया। - पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष श्रीविंध्य पंडा समाज