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Mirzapur News: भूमि दान से शुरू हुआ सफर, 25 वर्षों की उपलब्धियों का साक्षी बना ''चरणाद्रि गौरव''
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पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने किया रजत जयंती अंक का विमोचन, बोले- वार्षिक पत्रिका किसी संस्थान की शैक्षणिक पहचान का आईना
सीखड़। नरोत्तम सिंह पदम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मगरहां की वार्षिक पत्रिका ''चरणाद्रि गौरव'' के रजत जयंती अंक का रविवार को पूर्व उच्च शिक्षा एवं सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वार्षिक पत्रिका उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक गतिविधियों और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों का जीवंत दस्तावेज है। ''चरणाद्रि गौरव'' का रजत जयंती अंक महाविद्यालय की 25 वर्षों की विकास यात्रा और समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को सहेजने वाला महत्वपूर्ण प्रकाशन है। ओमप्रकाश सिंह ने महाविद्यालय की स्थापना से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि सीखड़ क्षेत्र के विद्यार्थियों को घर के निकट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस संस्थान की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने स्वयं, तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख तेजबहादुर सिंह, मेवालाल गुप्ता और लेखपाल दुक्खी सिंह ने अपनी भूमि दान में दी थी।
कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. मृणालिनी सिंह एवं प्रधान संपादक दिनेश कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर संपादक मंडल के सदस्य डॉ. राघवेंद्र सिंह, डॉ. मनीष कुमार मिश्र, डॉ. सुशील कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सीखड़। नरोत्तम सिंह पदम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मगरहां की वार्षिक पत्रिका ''चरणाद्रि गौरव'' के रजत जयंती अंक का रविवार को पूर्व उच्च शिक्षा एवं सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वार्षिक पत्रिका उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक गतिविधियों और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों का जीवंत दस्तावेज है। ''चरणाद्रि गौरव'' का रजत जयंती अंक महाविद्यालय की 25 वर्षों की विकास यात्रा और समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को सहेजने वाला महत्वपूर्ण प्रकाशन है। ओमप्रकाश सिंह ने महाविद्यालय की स्थापना से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि सीखड़ क्षेत्र के विद्यार्थियों को घर के निकट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस संस्थान की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने स्वयं, तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख तेजबहादुर सिंह, मेवालाल गुप्ता और लेखपाल दुक्खी सिंह ने अपनी भूमि दान में दी थी।
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कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. मृणालिनी सिंह एवं प्रधान संपादक दिनेश कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर संपादक मंडल के सदस्य डॉ. राघवेंद्र सिंह, डॉ. मनीष कुमार मिश्र, डॉ. सुशील कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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