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Mirzapur News: मेडिकल कॉलेज ने सात चिकित्सकों के कार्यमुक्ति का आदेश लिया वापस
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अपर मुख्य सचिव ने बिना अनुमति के अपने स्तर से कार्यमुक्त करने को बताया अनुुचित
संवाद न्यूज एजेंसीं
मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज के पांच वर्ष पूरे होने पर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध मंडलीय अस्पताल में तैनात सात चिकित्सकों को कार्यमुक्त कर तैनाती स्थल भेजने के आदेश को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने निरस्त कर दिया। अब बिना अपर मुख्य सचिव के आदेश के कार्यमुक्त नहीं किया जा सकेगा। मेडिकल कालेज प्रशासन ने आदेश वापस लेते हुए चिकित्सकों को पूर्व की भांति कार्य करने के लिए कहा है।
मंडलीय अस्पताल के डाक्टर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे थे। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी को शासन ने पांच वर्ष के लिए मेडिकल कॉलेज को दिया था। इसके बाद फैकेल्टी पूरी होने पर मेडिकल कॉलेज से उन्हें कार्यमुक्त किया जाना है। मेडिकल कालेज की ओर से मंडलीय अस्पताल में तैनात चेस्ट फिजिशीयन डॉ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार यादव, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. डीके भारती, जिला महिला अस्पताल में तैनात बाल राग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह, डॉ. आशुतोष शुक्ला, जनरल सर्जन डॉ. संजय पांडेय को कार्यमुक्त कर उनकी मूल तैनाती स्थल पर भेज दिया। इसके कई डॉक्टर ने नए स्थान पर तैनाती ले ली। जिस दिन कार्यमुक्त किया गया। उस दिन अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र जारी किया था कि कई कॉलेज बिना अनुमति प्राप्त किए अपने स्तर से डॉक्टर को कार्यमुक्त कर रहे हैं जो अनुचित है। आदेश दिया कि कार्यमुक्त से पहले उनकी सहमति दी जाए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने कार्यमुक्त करने के आदेश को निरस्त कर चिकित्सकों को पूर्व की तरह कार्यस्थल पर कार्य करने का निर्देश दिया।
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वर्जन
अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर चिकित्सकों के कार्यमुक्ति के आदेश को निरस्त कर दिया गया। उनको वापस कार्य पर बुलाया गया है। अब कार्यमुक्त करने संबंधी फाइल को अपर मुख्य सचिव के पास भेजा जाएगा। वहां से निर्देश के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
डॉ. सचिन किशोर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज के पांच वर्ष पूरे होने पर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध मंडलीय अस्पताल में तैनात सात चिकित्सकों को कार्यमुक्त कर तैनाती स्थल भेजने के आदेश को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने निरस्त कर दिया। अब बिना अपर मुख्य सचिव के आदेश के कार्यमुक्त नहीं किया जा सकेगा। मेडिकल कालेज प्रशासन ने आदेश वापस लेते हुए चिकित्सकों को पूर्व की भांति कार्य करने के लिए कहा है।
मंडलीय अस्पताल के डाक्टर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे थे। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी को शासन ने पांच वर्ष के लिए मेडिकल कॉलेज को दिया था। इसके बाद फैकेल्टी पूरी होने पर मेडिकल कॉलेज से उन्हें कार्यमुक्त किया जाना है। मेडिकल कालेज की ओर से मंडलीय अस्पताल में तैनात चेस्ट फिजिशीयन डॉ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार यादव, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. डीके भारती, जिला महिला अस्पताल में तैनात बाल राग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह, डॉ. आशुतोष शुक्ला, जनरल सर्जन डॉ. संजय पांडेय को कार्यमुक्त कर उनकी मूल तैनाती स्थल पर भेज दिया। इसके कई डॉक्टर ने नए स्थान पर तैनाती ले ली। जिस दिन कार्यमुक्त किया गया। उस दिन अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र जारी किया था कि कई कॉलेज बिना अनुमति प्राप्त किए अपने स्तर से डॉक्टर को कार्यमुक्त कर रहे हैं जो अनुचित है। आदेश दिया कि कार्यमुक्त से पहले उनकी सहमति दी जाए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने कार्यमुक्त करने के आदेश को निरस्त कर चिकित्सकों को पूर्व की तरह कार्यस्थल पर कार्य करने का निर्देश दिया।
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अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर चिकित्सकों के कार्यमुक्ति के आदेश को निरस्त कर दिया गया। उनको वापस कार्य पर बुलाया गया है। अब कार्यमुक्त करने संबंधी फाइल को अपर मुख्य सचिव के पास भेजा जाएगा। वहां से निर्देश के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
डॉ. सचिन किशोर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक