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Mirzapur News: आंधी से पीपा पुल टूटा, बिजली के खंभे गिरे, बिजली रही गुल, दीवार गिरने से महिला की मौत
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आंधी से वैशपुर में बिजली हाईटेंसन तार पर टूट कर गिरा पेड़ की डाली।-सोशल मीडिया। छानबे
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40-50 किमी की रफ्तार से चली हवा, उड़े गेहूं के डंठल, तारों पर पेड़ की डालियां टूटने से आपूर्ति बाधित
मिर्जापुर। जिले में मंगलवार रात आई तेज आंधी से छानबे में रामपुर जोपा मार्ग पर पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही टूट गया। दो जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिर गए, इससे बिजली पूरी रात गुल रही। वहीं चुनार के बहरामगंज मुहल्ले में निर्माणाधीन दीवार गिरने से राधा देवी (60) की मौत हो गई। बुधवार दोपहर के बाद जन जीवन सामान्य हुआ।
तेज अंधड़ से खेतों में पड़े गेहूं के बोझ बिखर गए। 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं से कई जगह टिनशेड और छप्पर उड़ गए। आंधी के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी हुई बूंदाबांदी से 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन-तीन डिग्री की कमी आई। फसलों में आई नमी से फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित रहा। मौसम वैज्ञानिक बृहस्पतिवार को भी मौसम खराब रहने की आशंका जता कर रहे हैं। बुधवार को अधिकतम 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले दो दिनों तक मौसम साफ रहा। मंगलवार रात आई तेज आंधी में खेतों में काटकर रखे 30 प्रतिशत गेहूं के डंठल और भूसे उड़ गए। टूटकर गिरे विद्युत खंभे और तार के चलते जिगना, मिर्जापुर नगर और सिटी ब्लॉक में रात साढ़े नौ बजे से भोर में साढ़े तीन बजे तक बिजली गुल रही। जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने बताया कि जिले में एक लाख 20 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। अभी तक 40 से 50 प्रतिशत ही फसलों की कटाई और मड़ाई हुुई है। बे-मौसम बारिश से नुकसान छोड़कर किसानों को कोई फायदा नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया बादलों की आवाजाही के बीच बृहस्पतिवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऐसे में मौसम के रुख को देखते हुए किसान कृषि कार्य करें।
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तीन जगह गिरे पेड़, कई उपकेंद्रों की बत्ती रही गुल
जिले में मंगलवार रात आई तेज आंधी से पिपराडांड़ और भरुहना के पास पेड़ गिर गए। इससे कई उपकेंद्रों पर बत्ती गुल रही। शहर में सिविल लाइन, सखौरा, भरुहना फीडर सहित खजुरी, विजयपुर और जिगना उपकेंद्र से निकले फीडरों की लाइटें गुल रहीं। नगर में पिपराडांड़ के अलावा दो मुहियां के पास पेड़ गिरा, इसी प्रकार शुक्लहा में बिजली का खंभा गिर पड़ा इससे विद्युतापूर्ति बाधित हो गई। रातभर लोग मच्छरों से परेशान रहे। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता आरके यादव ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारियों ने रात भर परिश्रम किया जिससे सुबह के पहले ही बिजली आ सकी।
रामपुरघाट पर पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही टूटा
जिगना। तेज आंधी से छानबे के जोपा रामपुर घाट पर बना पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही क्षतिग्रस्त हो गया। रात नौ बजे के बाद पुल से आवागमन ठप रहा। सुबह नाविक यात्रियों से मनमानी पैसा लेकर गंगा आरपार कराते रहे। मंगलवार दोपहर बाद इसी स्थान पर लोक निर्माण विभाग की तरफ से पीपापुल का मरम्मत कार्य कराया गया था। तीन घंटे भी नहीं बीते कि रात नौ बजे तेज आंधी में पीपापुल फिर से क्षतिग्रस्त हो गया। अवर अभियंता अंशु मिश्रा ने पीपापुल की मरम्मत का कार्य शुरु करा दिया है। जल्द ही ठीक कराकर आवागमन बहाल किया जाएगा।
क्या बोले किसान
बूंदाबांदी से गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हुआ है। तो आम के टिकोरे पेड़ से टूटकर गिर गए हैं। मौसम की बेरुखी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। गेहूं के डंठल में नमी से कटाई और मड़ाई ठप है। गेहूं के दाने काले पड़ रहे हैं।
-मंगला सिंह, किसान, सहिजनी।
मौसम में उतार चढ़ाव से बैसाख में आषाढ़ का एहसास हो रहा है। आम और गेहूं की फसल और पैदावार पर असर पड़ा है। किसान धान के फसल के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल की पैदावार से करना चाहते थे लेकिन प्रकृति के आगे बेबस हैं।
-राम मनोहर सिंह, किसान विशुनपुरा।
वर्जन प्रधानमंंत्री फसल बीमा कराने वाले किसानों के क्षति का आंकलन कर क्षतिपूर्ति की धनराशि दी जाएगी। ऐसी स्थिति में बीमित किसान को आपदा के समय से 72 घंटे के अंदर सीधे टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-विकेश कुमार सिंह पटेल, उप कृषि निदेशक
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पड़ोसी के मकान की दीवार गिरने से सो रहे दंपती दबे
चुनार। थाना क्षेत्र के बहरामगंज मुहल्ले में मंगलवार देर रात तेज आंधी में पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल की दीवार गिरने से सो रहे दंपती मलबे में दब गए। पत्नी राधा देवी की मौत हो गई। वहीं पति नंदलाल बिंद (62) की हालत गंभीर बनी हुई है। तेज आवाज सुनकर अगल-बगल के लोग पहुंचे। मलबा हटाकर दंपति को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉटरों ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल पति को सीएचसी में ले जाया गया। वहां से मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा। कटरा कोतवाली क्षेत्र के ककरहवा सबरी फाटक मूल निवासी नंदलाल बिंद दो वर्ष से चुनार के बहरामगंज मोहल्ले में मकान बनवाकर पत्नी राधा देवी के साथ रह रहे थे। मंगलवार रात दोनों खाना खाकर कमरे में सो रहे थे। मकान से सटे नपा अध्यक्ष मंसूर अहमद के भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। मंगलवार शाम निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर लगभग पांच से छह फीट ऊंची दीवार की जोड़ाई की गई थी। रात में आई तेज आंधी से दीवार नंदलाल के मकान की ओर गिर गई। दीवार की ईंटें और मलबा नंदलाल के मकान की छत की पटिया तोड़ते हुए सीधे कमरे में जा गिरीं। दंपती सो रहे थे। सूचना मिलते ही दंपती के दामाद संजय बिंद पहुंचे। चुनार कोतवाल विजय शंकर सिंह ने बताया कि दीवार गिरने से मलबे में दबकर वृद्धा की मौत हो गई। पति घायल हो गया।
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मिर्जापुर। जिले में मंगलवार रात आई तेज आंधी से छानबे में रामपुर जोपा मार्ग पर पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही टूट गया। दो जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिर गए, इससे बिजली पूरी रात गुल रही। वहीं चुनार के बहरामगंज मुहल्ले में निर्माणाधीन दीवार गिरने से राधा देवी (60) की मौत हो गई। बुधवार दोपहर के बाद जन जीवन सामान्य हुआ।
तेज अंधड़ से खेतों में पड़े गेहूं के बोझ बिखर गए। 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाओं से कई जगह टिनशेड और छप्पर उड़ गए। आंधी के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी हुई बूंदाबांदी से 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन-तीन डिग्री की कमी आई। फसलों में आई नमी से फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित रहा। मौसम वैज्ञानिक बृहस्पतिवार को भी मौसम खराब रहने की आशंका जता कर रहे हैं। बुधवार को अधिकतम 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले दो दिनों तक मौसम साफ रहा। मंगलवार रात आई तेज आंधी में खेतों में काटकर रखे 30 प्रतिशत गेहूं के डंठल और भूसे उड़ गए। टूटकर गिरे विद्युत खंभे और तार के चलते जिगना, मिर्जापुर नगर और सिटी ब्लॉक में रात साढ़े नौ बजे से भोर में साढ़े तीन बजे तक बिजली गुल रही। जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने बताया कि जिले में एक लाख 20 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। अभी तक 40 से 50 प्रतिशत ही फसलों की कटाई और मड़ाई हुुई है। बे-मौसम बारिश से नुकसान छोड़कर किसानों को कोई फायदा नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया बादलों की आवाजाही के बीच बृहस्पतिवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऐसे में मौसम के रुख को देखते हुए किसान कृषि कार्य करें।
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तीन जगह गिरे पेड़, कई उपकेंद्रों की बत्ती रही गुल
जिले में मंगलवार रात आई तेज आंधी से पिपराडांड़ और भरुहना के पास पेड़ गिर गए। इससे कई उपकेंद्रों पर बत्ती गुल रही। शहर में सिविल लाइन, सखौरा, भरुहना फीडर सहित खजुरी, विजयपुर और जिगना उपकेंद्र से निकले फीडरों की लाइटें गुल रहीं। नगर में पिपराडांड़ के अलावा दो मुहियां के पास पेड़ गिरा, इसी प्रकार शुक्लहा में बिजली का खंभा गिर पड़ा इससे विद्युतापूर्ति बाधित हो गई। रातभर लोग मच्छरों से परेशान रहे। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता आरके यादव ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारियों ने रात भर परिश्रम किया जिससे सुबह के पहले ही बिजली आ सकी।
रामपुरघाट पर पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही टूटा
जिगना। तेज आंधी से छानबे के जोपा रामपुर घाट पर बना पीपापुल मरम्मत के तीन घंटे में ही क्षतिग्रस्त हो गया। रात नौ बजे के बाद पुल से आवागमन ठप रहा। सुबह नाविक यात्रियों से मनमानी पैसा लेकर गंगा आरपार कराते रहे। मंगलवार दोपहर बाद इसी स्थान पर लोक निर्माण विभाग की तरफ से पीपापुल का मरम्मत कार्य कराया गया था। तीन घंटे भी नहीं बीते कि रात नौ बजे तेज आंधी में पीपापुल फिर से क्षतिग्रस्त हो गया। अवर अभियंता अंशु मिश्रा ने पीपापुल की मरम्मत का कार्य शुरु करा दिया है। जल्द ही ठीक कराकर आवागमन बहाल किया जाएगा।
क्या बोले किसान
बूंदाबांदी से गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हुआ है। तो आम के टिकोरे पेड़ से टूटकर गिर गए हैं। मौसम की बेरुखी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। गेहूं के डंठल में नमी से कटाई और मड़ाई ठप है। गेहूं के दाने काले पड़ रहे हैं।
-मंगला सिंह, किसान, सहिजनी।
मौसम में उतार चढ़ाव से बैसाख में आषाढ़ का एहसास हो रहा है। आम और गेहूं की फसल और पैदावार पर असर पड़ा है। किसान धान के फसल के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल की पैदावार से करना चाहते थे लेकिन प्रकृति के आगे बेबस हैं।
-राम मनोहर सिंह, किसान विशुनपुरा।
वर्जन प्रधानमंंत्री फसल बीमा कराने वाले किसानों के क्षति का आंकलन कर क्षतिपूर्ति की धनराशि दी जाएगी। ऐसी स्थिति में बीमित किसान को आपदा के समय से 72 घंटे के अंदर सीधे टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-विकेश कुमार सिंह पटेल, उप कृषि निदेशक
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पड़ोसी के मकान की दीवार गिरने से सो रहे दंपती दबे
चुनार। थाना क्षेत्र के बहरामगंज मुहल्ले में मंगलवार देर रात तेज आंधी में पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल की दीवार गिरने से सो रहे दंपती मलबे में दब गए। पत्नी राधा देवी की मौत हो गई। वहीं पति नंदलाल बिंद (62) की हालत गंभीर बनी हुई है। तेज आवाज सुनकर अगल-बगल के लोग पहुंचे। मलबा हटाकर दंपति को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉटरों ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल पति को सीएचसी में ले जाया गया। वहां से मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा। कटरा कोतवाली क्षेत्र के ककरहवा सबरी फाटक मूल निवासी नंदलाल बिंद दो वर्ष से चुनार के बहरामगंज मोहल्ले में मकान बनवाकर पत्नी राधा देवी के साथ रह रहे थे। मंगलवार रात दोनों खाना खाकर कमरे में सो रहे थे। मकान से सटे नपा अध्यक्ष मंसूर अहमद के भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। मंगलवार शाम निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर लगभग पांच से छह फीट ऊंची दीवार की जोड़ाई की गई थी। रात में आई तेज आंधी से दीवार नंदलाल के मकान की ओर गिर गई। दीवार की ईंटें और मलबा नंदलाल के मकान की छत की पटिया तोड़ते हुए सीधे कमरे में जा गिरीं। दंपती सो रहे थे। सूचना मिलते ही दंपती के दामाद संजय बिंद पहुंचे। चुनार कोतवाल विजय शंकर सिंह ने बताया कि दीवार गिरने से मलबे में दबकर वृद्धा की मौत हो गई। पति घायल हो गया।

आंधी से वैशपुर में बिजली हाईटेंसन तार पर टूट कर गिरा पेड़ की डाली।-सोशल मीडिया। छानबे

आंधी से वैशपुर में बिजली हाईटेंसन तार पर टूट कर गिरा पेड़ की डाली।-सोशल मीडिया। छानबे

आंधी से वैशपुर में बिजली हाईटेंसन तार पर टूट कर गिरा पेड़ की डाली।-सोशल मीडिया। छानबे