विंध्य धाम के घंटे हुए मौन: किसी के क्लैपर निकाले, किसी के बांधे; गणेश द्वार से गर्भगृह तक नहीं बजते 11 घंटे
Mirzapur News: मिर्जापुर स्थित विंध्यवासिनी मंदिर में गणेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक 11 घंटे ऐसे हैं जो बजते ही नहीं हैं। मंदिर परिसर में सिर्फ एक घंटे तक ही आम श्रद्धालुओं की पहुंच है।
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विंध्यवासिनी मंदिर में दो नंबर प्रवेश द्वार से लेकर गणेश द्वार और गर्भगृह तक 11 घंटे मौन हो गए हैं। किसी घंटे में क्लैपर (घंटे में नाद करने वाला हिस्सा) नहीं है तो कुछ के क्लैपर को ज्यादा ध्वनि होने के कारण बांध दिया गया है।
कुछ ऐसी जगह पर लगे हैं, जहां पर आम श्रद्धालुओं की पहुंच नहीं है। मंदिर परिसर में सिर्फ एक घंटे तक ही आम श्रद्धालुओं की पहुंच है। ऐसे में दर्शन से पहले घंटा बजाकर मां के दरवार में श्रद्धालु अपनी हाजिरी नहीं लगा पा रहे हैं। निराशा में श्रद्धालु घंटों को छूकर रस्म अदायगी कर रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं और पंडा समाज के पदाधिकारियों में रोष है।
हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिर में प्रवेश करते समय घंटा बजाना देवी-देवताओं को जगाने, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता लाने का प्रतीक माना जाता है लेकिन विंध्याचल धाम में आध्यात्मिक मान्यता पर संकट है। प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक एक भी ऐसा घंटा नहीं मिलेगा, जो टन-टन बजता हो।
गणेश द्वार पर पांच विशालकाय घंटे लटक रहे हैं लेकिन सभी के क्लैपर गायब हैं। गर्भगृह में छोटे-छोटे घंटों का गुच्छा है। इनमें क्लैपर तो हैं पर उनको बांधकर रखा गया है। बताया गया कि गर्भगृह में घंटों की अधिक ध्वनि के कारण इनको बंधवा दिया गया है। तीन नंबर गेट से झांकी दर्शन को जाने वाले मार्ग पर दो घंटे लगे हैं, एक में जुगाड़ से क्लैपर लगाया गया है।
विंध्य पंडा समाज के लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। इसके बाद जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा। -पवन कुमार गंगवार, डीएम मिर्जापुर
मरम्मत कराकर लगाए जाएंगे घंटे
इस समस्या पर पंडा समाज गंभीर है। सभी घंटों को उतरवाया जाएगा। उनकी जगह नए या फिर पुराने घंटों की मरम्मत कराकर लगाया जाएगा। यह कार्य शीघ्र किया जाएगा। -पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष श्रीविंध्य पंडा समाज