UP: सात केसों में सजा और 11 में बरी हुए हैं आजम खां, 100 से ज्यादा मामले हो चुके दर्ज; कई में चल रही सुनवाई
सपा नेता आजम खां पर पिछले कुछ वर्षों में सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हुए, इनमें से सात में आजम खां बरी हो चुके हैं। जबकि कुछ मामलों में अभी कोर्ट में सुनावई चल रही है।
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सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई लगातार विभिन्न अदालतों में चल रही है। अब तक उन्हें सात मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि 11 मामलों में आजम खां कोर्ट से बरी भी हो चुके हैं। अभी कई और मामलों में सुनवाई जारी है।
सपा नेता आजम खां पर पिछले कुछ वर्षों में सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें जमीन कब्जा, फर्जी दस्तावेज, हेट स्पीच और अब्दुल्ला आजम खां के दो जन्म प्रमाणपत्र, दो पैन कार्ड जैसे आरोप शामिल हैं। अब तक आजम खां को जिन मामलों में सजा हुई है, उनमें डूंगरपुर प्रकरण के दो मामले, दो जन्म प्रमाणपत्र मामले, दो पैन कार्ड से जुड़ा मामला तथा हेट स्पीच का मामला प्रमुख हैं।
इन मामलों में कोर्ट न अलग-अलग अवधियों की सजा सुनाई थी। सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हुई थी। डूंगरपुर प्रकरण में एक बस्ती को जबरन खाली कराने के नाम पर लूटपाट, डकैती, मारपीट जैसे आरोप लगे हैं। वहीं, बेटे के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में उन पर गलत जानकारी देकर दस्तावेज बनवाने का आरोप लगा था। दो पैन कार्ड मामले में भी अदालत में वह दोषी साबित हुए थे।
इसके अलावा चुनावी सभाओं में दिए गए बयान को लेकर दर्ज हेट स्पीच मामले में भी सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि कई मामलों में कोर्ट से राहत भी मिली है। अब तक 11 मामलों में अदालत ने सबूतों के अभाव अथवा आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया था।
आजम के अधिवक्ताओं का कहना था कि अधिकांश मुकदमे राजनीतिक द्वेष के चलते दर्ज कराए गए थे। आजम खां और उनके परिवार से जुड़े कई मामलों की सुनवाई रामपुर समेत अन्य अदालतों में जारी है।
कोर्ट में पेश हुए थे 10 गवाह
डीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अभियोजन की ओर से मजबूत पैरवी की गई। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा के अनुसार अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों को पेश किया था। सभी गवाह सरकारी अफसर व कर्मचारी थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। साथ ही इलेक्ट्रानिक गवाही भी प्रमुख रही। इन्हीं प्रयासों से अभियोजन पक्ष सपा नेता आजम खां को सजा दिलाने में सफल रहा। दूसरी ओर सपा नेता आजम खां पर की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। सपा नेता की ओर से भी अपने बचाव में कुछ खास नहीं कहा गया।
शब्दों की गरिमा भूलने वालों के लिए सबक
लोकतंत्र में भाषा की मर्यादा ही जनप्रतिनिधियों की वास्तविक पहचान होती है। कोर्ट द्वारा सपा नेता को अधिकारियों के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग के मामले में दो वर्ष की सजा सुनाया जाना उन सभी नेताओं के लिए एक बड़ा संदेश है, जो जनता की वाहवाही लूटने के लिए शब्दों की गरिमा भूल जाते हैं। आज का यह फैसला स्पष्ट करता है कि कानून सबके लिए समान है और लोकतंत्र में मर्यादा से ऊपर कोई नहीं। - आकाश सक्सेना, भाजपा नेता एवं रामपुर शहर विधायक
यह था आजम खां का बयान
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां ने तत्कालीन डीएम पर निशाना साधते हुए कहा था... तनखैया है यह, इससे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं। इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा।
आजम खां जल्द होंगे रिहा : पूर्व सांसद
पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि आजम खां पहले ही 6-7 साल की जेल काट चुके हैं। वह बहुत जल्द जेल से रिहा होकर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल की बचत करने को लेकर जो अपील की है कि उसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। यह समस्या प्रधानमंत्री की ही बनाई हुई है।
मीडिया से बातचीत में डॉ एसटी हसन ने कहा कि प्रधानमंत्री न इस्राइल के प्रधानमंत्री को गले लगाते, न ही खाड़ी देशों की निगाहों में खटकते तो ईरान होर्मुज स्टेट को हमारे लिए बंद नहीं करता। पुराने दोस्त ईरान को छोड़कर जो हमें 12 प्रतिशत कम पर तेल दे रहा था, जिसका 60 हजार करोड़ रुपये हमारे एक बैंक के अंदर रखा हुआ है, जो फ्री बीमा दे रहा था।
ट्रांसपोर्ट में भी रियायत दे रहा था। पूर्व सांसद का आरोप है कि प्रधानमंत्री ट्रंप के आगे झुक गए। वेनेजुएला का लूटा हुआ तेल खरीदने वहां पहुंच गए। पहले तेल सस्ता था तो कंपनियों को मुनाफा कमाने दिया। अब महंगाई करके जनता पर बोझ डाल रहे हैं। यह तो बढ़ोतरी की पहली सीढ़ी है ये लगातार बढ़ाएंगे। जनता तो हर मोड़ पर पिस रही है। सरकार व कंपनियां मौज ले रही हैं।