Moradabad: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म में दोषी को 12 साल की कैद, 60 हजार का जुर्माना भी लगा
मुरादाबाद की एक अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 12 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 60 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
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बालक न्यायालय/पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-1 की विशेष न्यायाधीश रेशमा चौधरी की अदालत ने बुधवार को सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को 12 साल कैद की सजा सुनाई है। घटना के समय दोषी की उम्र 16 साल थी। बिलारी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने 16 वर्षीय भतीजे के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बताया था कि गांव के पास ही उसका अमरूद का बाग है। 14 सितंबर 2016 की दोपहर करीब एक बजे उसने अपनी सात साल की बच्ची को बाग की रखवाली के लिए भेज दिया था। इसी दौरान हां आरोपी पहुंच गया और उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। लहूलुहान हालत में बच्ची घर पहुंची और परिजनों को बताया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई बालक न्यायालय/पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-1 की विशेष न्यायाधीश की अदालत में चली।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषी करार देते हुए 12 साल कैद की सजा सुनाई। 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि में से आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
किशोरी से छेड़खानी में दोषी को तीन साल की सजा
किशोरी से छेड़खानी के मामले में अदालत ने मंगलवार को मुलजिम सुधीर को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। छजलैट थाना क्षेत्र में रहने वाली किशोरी ने दो अक्तूबर 2018 को छजलैट थाने में संदलीपुर गांव निवासी सुधीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें पीड़िता ने बताया कि घर में घुसकर आरोपी ने उसके साथ छेड़खानी की। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और धमकी देकर भाग गया था।
इस मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-दो की विशेष न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत में सुनाई हुई। अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम सुधीर को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।