कृपाण मामला: दो शिक्षकों सहित तीन को परीक्षा कार्यों से हटाया, विवि की तीन सदस्यीय समिति कर रही जांच
डीएसएम डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के सिख छात्र को कृपाण के साथ परीक्षा में बैठने से रोकने के मामले में कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों और एक कर्मचारी को सेमेस्टर परीक्षा कार्यों से हटा दिया है। प्राचार्य ने सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होने पर खेद जताया है।
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मुरादाबाद के डीएसएम डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के सिख छात्र से दुर्व्यवहार और कृपाण मामले में कॉलेज प्रशासन ने दो शिक्षकों सहित तीन को परीक्षा कार्यों से हटा दिया है। साथ ही खेद भी व्यक्त किया है।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की कॉलेज में चल रही बीए प्रथम वर्ष की सेमेस्टर परीक्षा में ऋषिबाल महाविद्यालय कांठ के छात्र जपन सिंह को महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. सौरव सिंघल, डॉ. शिवराम सिंह एवं कर्मचारी हरिओम सिंह द्वारा 27 जनवरी को सिख समाज के धार्मिक प्रतीक कृपाण के साथ परीक्षा में जाने से रोका गया।
प्राचार्य प्रो. सोमपाल सिंह ने बताया कि इससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसका महाविद्यालय प्राचार्य और प्रबंध तंत्र को बहुत ही कष्ट है। इसलिए तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से इस सेमेस्टर के परीक्षा कार्यों से हटा दिया गया है।
साथ ही महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों को भी निर्देशित किया जाता है कि आगामी परीक्षाओं में प्रकरण से संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा पांच फरवरी के आदेश का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य एवं प्रबंध तंत्र खेद व्यक्त करता है। साथ ही सिख समाज को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
दिल्ली सिख समिति के पदाधिकारी कुलपति से मिलेंगे
कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने बताया कि सोमवार को दिल्ली सिख समिति के पदाधिकारी उनसे मुलाकात करेंगे। वह इस संबंध में वार्ता करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय स्तर से तीन सदस्यीय समिति मामले की जांच कर रही है। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्डिंग की समस्या की शिकायत पहले ही मिल गई थी। इस पर 17 जनवरी को कॉलेज प्रशासन को सुनवाई के लिए बुलाया भी था और रिकॉर्डिंग के संबंध में चेतावनी दी थी।
यह है मामला
मोहल्ला विशनपुरा निवासी सरदार जपन सिंह डीएसएम डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र और अमृतधारी सिख है। वह चार फरवरी को कृपाण धारण किए कॉलेज में हिंदी की परीक्षा देने पहुंचा था। आरोप है कि जहां उसे कृपाण के साथ परीक्षा केंद्र में घुसने नहीं दिया गया था, जिससे उसकी परीक्षा भी छूट गई थी।
आरोप है कि इससे पहले भी 27 जनवरी को उसे कृपाण उतरवाकर पहला पेपर दिलवाया गया था। चार फरवरी से यह मामला सुर्खियों में है। सिखों ने अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देकर कार्रवाई की मांग भी की थी।