सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Rampur: Milak CO embroiled in controversy over caste-based remarks, MP Chandrashekhar expresses anger

Rampur: सार्वजनिक मंच से जातिगत टिप्पणी करने में फंसे मिलक सीओ, सांसद चंद्रशेखर ने जताया विरोध, जांच के आदेश

अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Mon, 09 Feb 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
सार

रामपुर के सीओ मिलक का जातिगत टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के वीडियो साझा करने के बाद एसपी ने प्रकरण की जांच एएसपी को सौंप दी है। 

Rampur: Milak CO embroiled in controversy over caste-based remarks, MP Chandrashekhar expresses anger
सीओ मिलक रामवीर सिंह परिहार - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार

सीओ मिलक राजवीर सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में वह जातिगत टिप्पणी करते हुए सुनाई दे रहे हैं। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने एक्स हैंडल से इस वीडियो को शेयर कर टिप्पणी की है। उन्होंने इसे सीएम ऑफिस और डीजीपी को टैग किया है।

Trending Videos


एसपी विद्यासागर मिश्र ने इस मामले की जांच एएसपी को सौंप दी है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि स्मार्ट इंडियन पब्लिक स्कूल में 29 दिसंबर 2025 को फुटबॉल का मैच था। इस स्कूल में सीओ राजवीर सिंह परिहार मुख्य अतिथि थे। इस दौरान उन्होंने जातिगत टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका वीडियो नगीना के सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। इस मामले की जांच एएसपी अनुराग सिंह को सौंप दी गई है। मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलते ही मुख्यालय को भेज दिया जाएगा। सीओ राजवीर सिंह ने बताया कि वीडियो को एडिट करके गलत तरीके से प्रसारित किया गया है। लगाए गए आरोप निराधार हैं।

यह बयान दिया था सीओ ने
वीडियो में सीओ मिलक राजवीर सिंह बच्चों को संबोधित करते हुए एक कहावत का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि पहिल हाथ सरदारों का बाकी चोर... का। मतलब जो पहले गोल मार लिया वही सरदार है।

सांसद चंद्रशेखर ने की यह टिप्पणी
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की मिलक तहसील में पुलिस विभाग के सीओ राजवीर सिंह परिहार द्वारा एक स्कूल के मंच से जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना सिर्फ असंवेदनशीलता नहीं, बल्कि खुला जातिवादी अपराध है।

एक इतने जिम्मेदार पद पर बैठा पुलिस अधिकारी अगर चोर से एक जाति से जोड़कर पूरे समाज को सार्वजनिक रूप से अपमानित करता है, तो यह साबित करता है कि जातिवाद आज भी जिंदा है। स्कूल का मंच बच्चों को संविधान, समानता और भाईचारे का पाठ पढ़ाने के लिए होता है, न कि जातिवादी सोच, घृणा और जाति के अपमान के लिए।

यह बयान न केवल संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का उल्लंघन है बल्कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है।

हम यूपी सरकार से मांग करते हैं- सीओ परिहार को तत्काल पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ विभागीय जांच नहीं, कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, और सरकार स्पष्ट करे कि जातिवाद पर उसकी नीति जीरो टॉलरेंस है या सिर्फ नारा। यह सिर्फ एक जाति का अपमान नहीं है- यह संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजन सम्मान पर हमला है।

सीओ के बयान से बहुजन समाज में आक्रोश
सीओ के बयान पर राजनीति शुरू हो गई है। बहुजन जनता दल खोड़ावाल ने बयान पर तीखी टिप्पणी कर सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने जारी बयान में आरोप लगाया कि सीओ परिहार ने सार्वजनिक रूप से समूचे बहुजन समाज को चोर की संज्ञा दी, जो एक अक्षम्य अपराध है।

उन्होंने कहा कि यह कृत्य साबित करता है कि कुछ अधिकारियों के दिमाग में आज भी मनुवादी और जातिवादी जहर भरा हुआ है। कहा कि पुलिस का काम समाज की रक्षा करना है, न कि अपनी सत्ता की हनक में किसी विशेष समाज की भावनाओं को कुचलना।

सीओ परिहार ने पुलिस की गरिमा को मिट्टी में मिला दिया है और संविधान के अनुच्छेद 17 को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम जातिसूचक गाली दी है। यह सीधे तौर पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने सीओ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed