रामपुर: स्लैब टूटने से मलबे में दबे तीन बच्चे, दो जिला अस्पताल रेफर, शाहबाद में घंटों मची रही अफरा तफरी
रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में लकड़ियां उतारते समय स्लैब टूटकर गिर गया। इसमें तीन बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
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शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के चकरपुर भूड़ गांव में सोमवार सुबह लकड़ियां उतारते समय हादसा हो गया। स्लैब टूटकर गिरने से उसके मलबे के नीचे तीन बच्चे दब गए। हादसे में तीनों बच्चे घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
चकरपुर भूड़ गांव निवासी राकेश ने बताया कि उनका बेटा अमन (10), दीपक (16) और आशीष (6) स्लैब पर रखी लकड़ियां उतारकर नीचे खड़े अपने पिता को दे रहे थे। इसी दौरान सोमवार सुबह करीब 11 बजे अचानक स्लैब भरभराकर टूट गया और उसका मलबा बच्चों के ऊपर आ गिरा।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों को मलबे से बाहर निकाला और सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सकों ने तीनों का प्राथमिक उपचार किया। अमन और दीपक की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि आशीष का उपचार सीएचसी पर किया गया।
नाला खुदाई के दौरान किसान का मकान गिरा
बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के चौकोनी गांव में नाला निर्माण के दौरान एक किसान का मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में किसान का परिवार बाल-बाल बच गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि मामला दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से निपट गया है। ग्राम चौकोनी में जिला पंचायत द्वारा नाले का निर्माण कराया जा रहा है।
बेगमाबाद रोड किनारे गहरे नाले की खोदाई जेसीबी से की जा रही थी। गांव निवासी किसान तुलाराम राजपूत ने बताया कि खोदाई के कारण उनका पुश्तैनी मकान रविवार रात भरभराकर गिर गया। परिवार के लोग आंगन में सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दबने से बच गए।
मकान गिरते ही आसपास के ग्रामीण रात में ही मौके पर पहुंच गए और मलबा हटाकर घरेलू सामान बाहर निकाला। किसान ने भारी नुकसान होने की बात कही।सोमवार सुबह सूचना पाकर तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह विर्क गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसान से बात करने के बाद ठेकेदार को मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। ग्राम प्रधान भगवत शरण ने बताया कि ठेकेदार व पीड़ित किसान के बीच आपसी सहमति बन गई है, इसलिए किसान ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है। वहीं, कोतवाली प्रभारी जीत सिंह ने घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई है।