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Moradabad News: हारिश से एक सप्ताह पहले मिलने आए थे तीन युवक...एक घंटे हुई थी बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:13 AM IST
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मुरादाबाद। आईएस के लिए ऑनलाइन भर्ती कराने के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किए बीडीएस छात्र हारिश के मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही हैं वैसे वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने अन्य छात्रों से पूछताछ की तो पता चला कि करीब एक सप्ताह पहले हारिश से मिलने तीन युवक आए थे। हारिश ने उनसे कॉलेज के बाहर ही कांठ रोड पर कैंटीन पर बैठकर बातचीत की थी। तीन युवक उसके रिश्तेदार थे या फिर आईएस के लिए काम करने संदिग्ध युवक, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
सहारनपुर के मानकमऊ निवासी रियासत अली आईटीसी में टेक्नीशियन के पद कार्यरत हैं। रियासत अली का बड़ा बेटा डॉ. आकिफ एमबीबीएस, एमडी डॉक्टर है और लखनऊ में कार्यरत हैं। जबकि बेटी अरफा महाराष्ट्र में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। रियासत अली ने दो साल पहले छोटे बेटे हारिश का मुरादाबाद के निजी कॉलेज में बीडीएस में दाखिल कराया था। हारिश यहां शामली निवासी छात्र के साथ हॉस्टल में एक ही रूम में रह रहा था था लेकिन वह धीरे धीरे कुख्यात आतंकी संगठन से जुड़ गया था। उसने अपने साथ 50 से ज्यादा छात्र जोड़ लिए थे। दो दिन पहले एटीएस हारिश को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई थी। इसके बाद भी एटीएस उससे जुड़े छात्रों पर निगरानी कर रही है। अब पता चला कि एक सप्ताह पहले भी तीन युवक उससे मिलने कॉलेज तक पहुंचे थे। कॉलेज आने पर वह अपने साथी और अन्य छात्रों से बोलकर निकला था कि वह कॉलेज से बाहर जा रहा है। एक छात्र ने उससे साथ चलने के लिए कहा तो उसे रोक दिया था और कहा कि वह अभी वापस आ रहा है लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय तक उसने कॉलेज के बाहर प्रेम नगर चौराहे के पास एक कैंटीन में बैठ कर बात की थी। कुछ अन्य छात्रों ने इन्हें यहां बैठे हुए देखा था। अब टीमें इन तीन युवकों की तलाश में जुट गई हैं। इनके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई जा रही है।
15 पहले भी हारिश की तलाश में मुरादाबाद पहुंची थी टीम
मुरादाबाद। बीडीएस का छात्र सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से आईएस से जुड़ा हुआ था और उसने अन्य छात्रों को अपने साथ शामिल कर लिया था। एटीएस और अन्य एजेंसियां उसे वॉच कर रही थीं। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले भी टीम उसकी तलाश में आई थी। टीम के सदस्यों ने कभी मरीज बनकर तो कभी तीमारदार बनकर कॉलेज में रेकी की थी लेकिन उस वक्त हारिश अपने घर चला गया था। जिस कारण टीम को सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद टीम लौट गई थी लेकिन दोबारा टीम पूरी तैयारी के साथ आई और हारिश को दबोच लिया था।
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15 पहले भी हारिश की तलाश में मुरादाबाद पहुंची थी टीम
मुरादाबाद। बीडीएस का छात्र सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से आईएस से जुड़ा हुआ था और उसने अन्य छात्रों को अपने साथ शामिल कर लिया था। एटीएस और अन्य एजेंसियां उसे वॉच कर रही थीं। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले भी टीम उसकी तलाश में आई थी। टीम के सदस्यों ने कभी मरीज बनकर तो कभी तीमारदार बनकर कॉलेज में रेकी की थी लेकिन उस वक्त हारिश अपने घर चला गया था। जिस कारण टीम को सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद टीम लौट गई थी लेकिन दोबारा टीम पूरी तैयारी के साथ आई और हारिश को दबोच लिया था।
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