UP: मुरादाबाद में सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार, मंत्री असीम अरुण ने बैठाई जांच, तीन सदस्यीय कमेटी गठित
मुरादाबाद में सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आते ही समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी जो 12 फरवरी तक रिपोर्ट देगी। तय मानक से अधिक जोड़ों का विवाह कराने और पात्र जोड़ों को घटिया या अधूरी सामग्री देने जैसी अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
विस्तार
सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार पर जांच बैठा दी गई है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने तीन सदस्यीय एक जांच कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी मौके पर जाकर जांच करेगी और 12 फरवरी को रिपोर्ट पेश करेगी। यह भी देखा जाएगा कि इसमें किस किस की लापरवाही रही है।
सबसे बड़ी अनियमितता एक शादी समारोह में तय मानक से अधिक जोड़ों को शामिल करना है। नियम के मुताबिक एक समारोह में 100 जोड़े होने चाहिए लेकिन यहां 4 और 5 दिसंबर को हुए समारोह में 1636 जोड़े शामिल किए गए हैं। सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को अमर उजाला शिद्दत से प्रकाशित कर रहा है।
शासन ने लिया संज्ञान
12 जनवरी को प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के सामने विधायकों ने भी यह मुद्दा उठाया था। अब शासन ने भी इसका संज्ञान लिया है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण द्वारा मुरादाबाद प्रशासन को जारी किए गए पत्र में शासन तक पहुंची शिकायतों के आधार पर कहा गया है कि मुरादाबाद में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान कई पात्र जोड़ों को निर्धारित विवाह उपहार सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई।
100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए
वहीं जिन जोड़ों को सामग्री वितरित की गई, उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि निर्धारित अधिकतम सीमा के विपरीत 100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए गए। राज्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सामूहिक विवाह मामले में अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए कुंदरकी विधायक से कल बातचीत की। कागजात मिलने के बाद सामूहिक विवाह की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। रिपोर्ट आने के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दंडित किए जाएंगे। पुराने मामले में भी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। - असीम अरुण, समाज कल्याण मंत्री उत्तर प्रदेश
यह होंगे जांच के बिंदु
- विवाह समारोह में अधिकतम जोड़ों की तय संख्या का पालन हुआ या नहीं।
- समारोह में 100 से अधिक जोड़ों के विवाह की अनुमति किस स्तर पर दी गई।
- योजना का लाभ पाने वाले जोड़ों की पात्रता और अपात्र लाभार्थियों की स्थिति क्या है।
- समारोह के आयोजन और व्यवस्थाओं में कहां-कहां लापरवाही बरती गई।
- पात्र जोड़ों को विवाह के लिए तय उपहार सामग्री मिली या नहीं, दी गई सामग्री की गुणवत्ता कैसी है।
