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Muzaffarnagar News: बालिका की हड्डी तोड़ने के मामले में सीएमओ ने बैठाई जांच
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- एसीएमओ डॉ. शैलेश जैन और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. उबेद सिद्दीकी करेंगे जांच
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ पर आपरेशन के नाम पर रुपये लेने तथा दिव्यांग बालिका के पैर की हड्डी तोड़ने के मामले में सीएमओ ने दो सदस्य चिकित्सकों की जांच समिति गठित की है। यह समिति इस प्रकरण की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मामला डीएम तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जुटा है।
शहर की कांशीराम काॅलोनी निवासी महिला रेशमा ने बुधवार को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसने 13 वर्षीय दिव्यांग पुत्री का पैर का आपरेशन जिला चिकित्सालय में कराया था। इसके बदले हड्डी रोग विशेषज्ञ विशेषज्ञ चिकित्सक को उसने आठ हजार रुपये भी दिए थे। पैर में समस्या रहने के कारण वह अपनी पुत्री को फिर से चिकित्सक को दिखाने आई थी।
आरोप लगाया था कि चिकित्सक ने पुन: 10 हजार रुपये दिए जाने की मांग की थी। बाद में चिकित्सक ने उपचार के नाम पर उसकी पुत्री का पैर मोड़कर उसकी हड्डी तोड़ दी। आरोप लगाया कि पूर्ण आपरेशन के नाम पर उससे 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। डीएम उमेश मिश्रा ने मामले में सीएमओ डाॅ. सुनील कुमार तेवतिया को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ ने बताया कि इस प्रकरण की जांच के लिए डाॅ. शैलेश जैन, डाॅ. उबैद सिद्दीकी की जांच समिति बनाई है। यह समिति मामले की जांच कर रही है। हालांकि विभाग ने बालिका के उपचार को लेकर भी कार्रवाई की है। बताया जाता है कि उसे न्यूरो मानसिक समस्या है। इसकी जांच कराकर उसका उपचार किया जाएगा।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ पर आपरेशन के नाम पर रुपये लेने तथा दिव्यांग बालिका के पैर की हड्डी तोड़ने के मामले में सीएमओ ने दो सदस्य चिकित्सकों की जांच समिति गठित की है। यह समिति इस प्रकरण की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मामला डीएम तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जुटा है।
शहर की कांशीराम काॅलोनी निवासी महिला रेशमा ने बुधवार को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसने 13 वर्षीय दिव्यांग पुत्री का पैर का आपरेशन जिला चिकित्सालय में कराया था। इसके बदले हड्डी रोग विशेषज्ञ विशेषज्ञ चिकित्सक को उसने आठ हजार रुपये भी दिए थे। पैर में समस्या रहने के कारण वह अपनी पुत्री को फिर से चिकित्सक को दिखाने आई थी।
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आरोप लगाया था कि चिकित्सक ने पुन: 10 हजार रुपये दिए जाने की मांग की थी। बाद में चिकित्सक ने उपचार के नाम पर उसकी पुत्री का पैर मोड़कर उसकी हड्डी तोड़ दी। आरोप लगाया कि पूर्ण आपरेशन के नाम पर उससे 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। डीएम उमेश मिश्रा ने मामले में सीएमओ डाॅ. सुनील कुमार तेवतिया को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ ने बताया कि इस प्रकरण की जांच के लिए डाॅ. शैलेश जैन, डाॅ. उबैद सिद्दीकी की जांच समिति बनाई है। यह समिति मामले की जांच कर रही है। हालांकि विभाग ने बालिका के उपचार को लेकर भी कार्रवाई की है। बताया जाता है कि उसे न्यूरो मानसिक समस्या है। इसकी जांच कराकर उसका उपचार किया जाएगा।