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Muzaffarnagar News: अखाड़े में गोल्डन गर्ल... स्कूल में 10 रुपये लगाई गई कीमत
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मुजफ्फरनगर। पचैंडा कलां के प्राथमिक विद्यालय की कक्षा चार की छात्रा आयुषी ने गांव के अखाड़े में कुश्ती के दांव सीखना शुरू कर दिए थे।
पिता अशोक का सपना था कि बेटी आगे चलकर उसका नाम रोशन करेगी लेकिन सिर्फ 10 रुपये की चोरी के आरोप की कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी। देर रात पुलिस ने शिक्षकों के खिलाफ पिटाई और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
वादी अशोक के घर में बेटा नहीं है। वह अपनी बेटियों को पढ़ाने और खेलों में आगे बढ़ाने की चाह मन में पाले रहा। यही वजह है कि तालाब का काम बंद होने के बावजूद वह ललित नहीं लौटा। आयुषी की खेल में रुचि होने के कारण उसे खिलाना शुरू कर दिया था। अखाड़ा संचालक युधिष्ठिर पहलवान ने बताया कि गांव स्तर पर ही होनहार पहलवान ने दम दिखाया। वह अपनी उम्र के लड़कों को भी कुश्ती के अखाड़े में मात दे देती थी। बेहद दुखद घटना है।
ऐसा है पीड़ित परिवार : जिला ललितपुर के गांव चक लालौन निवासी अशोक कुमार के परिवार में पत्नी ज्योति के अलावा पांच बेटियां हैं। बड़ी बेटी अंजलि कक्षा नौ की छात्रा है। अनुष्का कक्षा पांच, अपेक्षा कक्षा दो, सोमिया एलकेजी की छात्रा है। आयुषी कक्षा चार में पढ़ती थी। परिवार में बेटा नहीं है।
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इस तरह आए पचैंड़ा : सपा नेता एवं अखाड़ा संचालक युधिष्ठिर पहलवान ने बताया कि उनके पास कई साल पहले मछली पालन का ठेका था। तभी से यह परिवार उनके पास रहता है। तालाब के पास खाली जमीन के पास झोंपड़ीनुमा मकान बनाकर यह परिवार रह रहा है। बड़ी बेटी को वह अपने पास मुजफ्फरनगर के अंकित विहार वाले मकान में रखकर पढ़ा रहे हैं, जबकि चार बेटियां दंपती के पास गांव में ही रहती थीं।
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पिता अशोक का सपना था कि बेटी आगे चलकर उसका नाम रोशन करेगी लेकिन सिर्फ 10 रुपये की चोरी के आरोप की कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी। देर रात पुलिस ने शिक्षकों के खिलाफ पिटाई और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
वादी अशोक के घर में बेटा नहीं है। वह अपनी बेटियों को पढ़ाने और खेलों में आगे बढ़ाने की चाह मन में पाले रहा। यही वजह है कि तालाब का काम बंद होने के बावजूद वह ललित नहीं लौटा। आयुषी की खेल में रुचि होने के कारण उसे खिलाना शुरू कर दिया था। अखाड़ा संचालक युधिष्ठिर पहलवान ने बताया कि गांव स्तर पर ही होनहार पहलवान ने दम दिखाया। वह अपनी उम्र के लड़कों को भी कुश्ती के अखाड़े में मात दे देती थी। बेहद दुखद घटना है।
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ऐसा है पीड़ित परिवार : जिला ललितपुर के गांव चक लालौन निवासी अशोक कुमार के परिवार में पत्नी ज्योति के अलावा पांच बेटियां हैं। बड़ी बेटी अंजलि कक्षा नौ की छात्रा है। अनुष्का कक्षा पांच, अपेक्षा कक्षा दो, सोमिया एलकेजी की छात्रा है। आयुषी कक्षा चार में पढ़ती थी। परिवार में बेटा नहीं है।
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इस तरह आए पचैंड़ा : सपा नेता एवं अखाड़ा संचालक युधिष्ठिर पहलवान ने बताया कि उनके पास कई साल पहले मछली पालन का ठेका था। तभी से यह परिवार उनके पास रहता है। तालाब के पास खाली जमीन के पास झोंपड़ीनुमा मकान बनाकर यह परिवार रह रहा है। बड़ी बेटी को वह अपने पास मुजफ्फरनगर के अंकित विहार वाले मकान में रखकर पढ़ा रहे हैं, जबकि चार बेटियां दंपती के पास गांव में ही रहती थीं।