Baramulla BSF Death: ड्यूटी के दौरान एएसआई की संदिग्ध मौत, मुजफ्फरनगर पहुंचा शव; परिवार ने किया प्रदर्शन
शहीद का दर्जा देने, तीन करोड़ की आर्थिक मदद, आश्रित को नोकरी देने आदि की मांग को लेकर सैंकड़ों व्यक्ति, महिलाओं ने शव को सैनिक वाहन से उतारने से मना कर दिया और वाहन के आगे जाम लगा कर बैठ गये।
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यूपी के मुजफ्फनगर स्थित बारामुला क्षेत्र में तैनात भोपा गांव निवासी बीएसएफ में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) शिवदत्त 56 वर्ष की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर शनिवार की शाम उनके आवास पर पहुंचा जहां। सैकड़ों ग्रामीणों व परिजनों ने शहीद का दर्जा देने के साथ कई मांगों को लेकर भोपा-मोरना मार्ग पर जाम लगा दिया। नारेबाजी शुरू कर दी। भारत माता की जय और शिवदत्त अमर रहें के नारे लगाने लगे। चार घंटे बाद भी देर रात तक धरना जारी है।
शिवदत्त प्रजापति मूल रूप से जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र के शोरम गांव निवासी थे। लगभग 20 वर्ष से उनका परिवार भोपा में निवास कर रहा है। शिवदत्त प्रजापति बीएसएफ की 175वीं बटालियन में कश्मीर के उत्तरी बारामुला में बोनियार क्षेत्र में तैनात थे। शुक्रवार को वहां उनकी गोली लगने से संदिग्ध प्रस्थिति में मौत हो गई थी। सैनिक का पार्थिव शरीर शनिवार शाम भोपा में उनके आवास के बाहर पर पहुंचा। शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों द्वारा पार्थिव शरीर को लेकर आए सैनिकों से शिवदत्त की मौत का कारण पूछा गया तो साथ आये निरीक्षक अनुराग ने बताया कि एक्सिडेंटल फायर (दुर्घटना वंश गोली चलना) में मौत होने की जानकारी है। घटना की जांच जारी है। जांच के उपरांत ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसको लेकर ग्रामीण व स्वजन भड़क गये तभी वहां से आए निरीक्षक अनुराग द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान की बात कमांडेंट अवधेश कुमार से कराई गयी।जिसमे उन्होंने भी घटना की जांच के बाद ही मौत का कारण बताने को कहा।
शहीद का दर्जा देने, तीन करोड़ की आर्थिक मदद, आश्रित को नोकरी देने आदि की मांग को लेकर सैंकड़ों व्यक्ति, महिलाओं ने शव को सैनिक वाहन से उतारने से मना कर दिया और वाहन के आगे जाम लगा कर बैठ गये। अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। देर शाम तक धरना व हंगामा जारी था। अधिकारी सैनिक की पत्नी राजेश बेटे शिव कुमार अजय सहित परिवार के लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
सैनिक शिवदत्त प्रजापति के आवास पर पहुंचने वालों में मुख्य रूप से सांसद चन्दन सिंह चौहान, जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, विधायक पुत्री सुप्रिया पाल पूर्व विधायक उमेश मलिक, हरीश राठी, संजय रवि, तरुण प्रधान जगपाल बरूकी,ओमप्रकाश प्रजापति, दारा सिंह प्रजापति सहित उपजिलाधिकारी जानसठ रश्मि लांबा, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, सीओ लक्ष्मण वर्मा, सीओ जानसठ ऋषिका सिंह आदि रहे।
पत्नी बोली- मेरे पति आत्महत्या नहीं कर सकते
बृहस्पतिवार शाम सैनिक शिवदत्त ने परिजनों से फोन पर बात की थी। पत्नी राजेश से कहा था कि छुट्टी मिल गई है, रविवार को घर आ जाऊंगा। रोती बिलखती पत्नी बोली आप तो रविवार को आने के लिए कह गए थे, शनिवार में ही आ गये और वह भी पैरों से नहीं दूसरों के कंधे से। वह छह माह पूर्व छुट्टी आये थे। सैनिक की पत्नी का कहना था कि उनके पति कभी आत्महत्या नहीं कर सकते।
पार्थिव शरीर पर हुई फूलों की वर्षा, लगे भारत माता के जयकारे
जैसे ही एएसआई का पार्थिव शरीर मुजफ्फरनगर भोपा बाईपास पर पहुंचा तो भारत मां के जयकारों के साथ लोगों ने पुष्प वर्षा की। इसके साथ ही मखियाली, जट-मुझेडा, भोपा गंग नहर पर कांवड़ शिविर आयोजकों व कस्बा वासियों ने पुष्प वर्षा की।