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मुजफ्फरनगर दंगा : शाहनवाज की हत्या के आरोपी तहेंद्र की मौत
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मुजफ्फरनगर। कवाल कांड में शाहनवाज की हत्या के आरोपी बनाए गए तहेंद्र उर्फ तेंदू की बीमारी के चलते मौत हो गई। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में प्रार्थनापत्र दिया गया। अदालत ने जानसठ पुलिस से मृत्यु आख्या तलब की है। अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त नियत की गई।
मलिकपुरा के ममेरे-फुफेरे भाई गौरव और सचिन का 27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में यही के शाहनवाज के साथ झगड़ा हुआ। शाहनवाज घायल हो गया था, जिसके बाद बाइक पर सवार होकर अपने घर की तरफ जाने लगे, इस दौरान मलिकपुरा के मोड़ पर दोनों भाइयों को भीड़ ने घेरकर मार गिराया था। इस वारदात के बाद दंगा भड़क उठा था।
बाद में अस्पताल में शाहनवाज की भी मौत हो गई थी। वादी सलीम ने रविंद्र सिंह, प्रह्लाद, बिशन, तहेंद्र उर्फ तेंदू, देवेंद्र और जितेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। एसआईटी की जांच में सभी आरोपियों को क्लीन चिट दी गई थी।
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एसआईटी की रिपोर्ट को सलीम ने अदालत में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकृत किया था। इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में चल रही है। शुक्रवार को बचाव पक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि तहेंद्र का निधन हो गया है। अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए। उधर, मुकदमे के वादी सलीम की मौत भी हो चुकी है।
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ये था मामला
एसआईटी ने ममेरे-फुफेरे भाई गौरव और सचिन के हत्या के मामले में जांच के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। 2018 में मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल और इकबाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
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मलिकपुरा के ममेरे-फुफेरे भाई गौरव और सचिन का 27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में यही के शाहनवाज के साथ झगड़ा हुआ। शाहनवाज घायल हो गया था, जिसके बाद बाइक पर सवार होकर अपने घर की तरफ जाने लगे, इस दौरान मलिकपुरा के मोड़ पर दोनों भाइयों को भीड़ ने घेरकर मार गिराया था। इस वारदात के बाद दंगा भड़क उठा था।
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बाद में अस्पताल में शाहनवाज की भी मौत हो गई थी। वादी सलीम ने रविंद्र सिंह, प्रह्लाद, बिशन, तहेंद्र उर्फ तेंदू, देवेंद्र और जितेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। एसआईटी की जांच में सभी आरोपियों को क्लीन चिट दी गई थी।
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एसआईटी की रिपोर्ट को सलीम ने अदालत में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकृत किया था। इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में चल रही है। शुक्रवार को बचाव पक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि तहेंद्र का निधन हो गया है। अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए। उधर, मुकदमे के वादी सलीम की मौत भी हो चुकी है।
ये था मामला
एसआईटी ने ममेरे-फुफेरे भाई गौरव और सचिन के हत्या के मामले में जांच के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। 2018 में मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल और इकबाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।