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Muzaffarnagar News: विवेचक पंकज पंत के गैर जमानती वारंट...गिरफ्तार कर पेश करें
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मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र के परविंद्र पंवार हत्याकांड में विवेचक निरीक्षक पंकज पंत अभियोजन साक्ष्य के लिए अदालत में हाजिर नहीं हुए। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने विवेचक के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। एडीजी मेरठ जोन को पत्र लिखकर कहा कि पंत को गिरफ्तार करवाकर 13 अगस्त को अदालत में पेश करें। अगर नियत तिथि तक वह पेश नहीं किए गए तो अभियोजन साक्ष्य का अवसर समाप्त हो जाएगा। पिछले एक साल में 21 तारीख पर विवेचक अदालत में हाजिर नहीं हुए।
नई मंडी के शांतिनगर निवासी चालक परवेंद्र पंवार की गला घोंटकर हत्या के बाद शव को पचेंडा के जंगल के कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे कार्तिक और उसके साथी को गिरफ्तार किया था।
प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर कर रहे हैं। पत्रावली अभियोजन साक्ष्य में है और विवेचक पंकज पंत को अदालत में हाजिर होना है। शुक्रवार को विवेचक अदालत नहीं पहुंचे।
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14 मई 2025 के बाद से साक्ष्य नहीं हुआ। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि अब तक 21 तारीख दी जा चुकी है। थाने के पैरोकार ने अदालत में बताया कि विवेचक इन दिनों बुलंदशहर में तैनात है और कॉल भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। अदालत ने विवेचक के गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 13 अगस्त नियत कर दी है।
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पुलिस की लापरवाही से लटका मुकदमा : अदालत
मुजफ्फरनगर। पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि मुकदमा मात्र विवेचक निरीक्षक पंकज पंत की लापरवाही के कारण एक वर्ष से लटका हुआ है। आम व्यक्ति न्यायपालिका के बारे में यही समझता है कि मुकदमों में तारीख पर तारीख के लिए न्यायालय ही उत्तरदायी होती है। प्रकरण इस बात का उदाहरण है कि पुलिस की लापरवाही के कारण भी मुकदमे काफी लंबे खिंचते हैं। प्रकरण पुलिस के द्वारा मुकदमों को विलंबित करने का सर्वोत्तम उदाहरण है। ब्यूरो
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ये है मामला
शामली के भारसी निवासी चालक परविंद्र कुमार परिवार के साथ शहर के शांतिनगर में रह रहा था। 10 नवंबर 2021 को पचेंडा कलां गांव के जंगल के कुएं में उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि बेटे कार्तिक ने अपने साथी के साथ मिलकर पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। मृतक के नशे की आदत से परिवार परेशान था।
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नई मंडी के शांतिनगर निवासी चालक परवेंद्र पंवार की गला घोंटकर हत्या के बाद शव को पचेंडा के जंगल के कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे कार्तिक और उसके साथी को गिरफ्तार किया था।
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प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर कर रहे हैं। पत्रावली अभियोजन साक्ष्य में है और विवेचक पंकज पंत को अदालत में हाजिर होना है। शुक्रवार को विवेचक अदालत नहीं पहुंचे।
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14 मई 2025 के बाद से साक्ष्य नहीं हुआ। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि अब तक 21 तारीख दी जा चुकी है। थाने के पैरोकार ने अदालत में बताया कि विवेचक इन दिनों बुलंदशहर में तैनात है और कॉल भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। अदालत ने विवेचक के गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 13 अगस्त नियत कर दी है।
पुलिस की लापरवाही से लटका मुकदमा : अदालत
मुजफ्फरनगर। पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि मुकदमा मात्र विवेचक निरीक्षक पंकज पंत की लापरवाही के कारण एक वर्ष से लटका हुआ है। आम व्यक्ति न्यायपालिका के बारे में यही समझता है कि मुकदमों में तारीख पर तारीख के लिए न्यायालय ही उत्तरदायी होती है। प्रकरण इस बात का उदाहरण है कि पुलिस की लापरवाही के कारण भी मुकदमे काफी लंबे खिंचते हैं। प्रकरण पुलिस के द्वारा मुकदमों को विलंबित करने का सर्वोत्तम उदाहरण है। ब्यूरो
ये है मामला
शामली के भारसी निवासी चालक परविंद्र कुमार परिवार के साथ शहर के शांतिनगर में रह रहा था। 10 नवंबर 2021 को पचेंडा कलां गांव के जंगल के कुएं में उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि बेटे कार्तिक ने अपने साथी के साथ मिलकर पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। मृतक के नशे की आदत से परिवार परेशान था।