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Muzaffarnagar News: वेस्ट यूपी और हरियाणा की जेलों में तैयार किया जा रहा नशे का नेटवर्क
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- जमानत पर रिहा आरोपी रुपयों की चाह में बन रहे नशा सप्लायर
- पुलिस ने तीन माह में 60 नशा तस्करों को पकड़ा, 40 जमानत पर छूटने के बाद जुड़े नेटवर्क से
- पुलिस की तीन माह की रिपोर्ट में खुलासा
- नेटवर्क बेनकाब करने को हरियाणा और आसपास के जिलों की पुलिस का सहयोग लेगी जिला पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वेस्ट यूपी के साथ-साथ हरियाणा की जेलों में नशे का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। यह खुलासा शामली पुलिस की तीन माह की तैयार रिपोर्ट में हुआ है। पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया है कि मारपीट, चोरी जैसे मामलों में जेल जाने वाले आरोपी वहां नशा तस्करों के संपर्क में आ जाते हैं और जमानत पर छूटने के बाद नशे की सप्लाई शुरू कर देते हैं।
पिछले तीन माह में पुलिस ने 60 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 40 आरोपी जेल से छूटने के बाद नशे के नेटवर्क से जुड़े पाए गए। ये आरोपी खुद नशा बेचने के साथ-साथ दूसरों से भी सप्लाई करवा रहे हैं।
इन मामलों से समझिए, कैसे जेलों में तैयार हो रहा नेटवर्क
केस-1
कैराना पुलिस ने दो जनवरी को एक करोड़ रुपये की स्मैक के साथ पानीपत की नई बस्ती निवासी मुनीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह जानलेवा हमले के मामले में पानीपत जेल में बंद रहा था, जहां उसका संपर्क नशा तस्करों से हुआ। जमानत पर छूटने के बाद वह पिछले एक साल से पानीपत, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों में नशा सप्लाई कर रहा था।
केस-2
झिंझाना पुलिस ने दो मार्च को कैराना के कांधला रोड निवासी साजिद को आठ ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। उसका साथी मौके से भाग गया था। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2025 में अवैध हथियार के मामले में जेल गया था, जहां नशा तस्करों से संपर्क हुआ और इसके बाद वह विभिन्न जिलों में नशा सप्लाई करने लगा।
केस-3
कांधला पुलिस ने 12 फरवरी को जलालाबाद निवासी समीर को 2 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। वह पहले जानलेवा हमले के मामले में जेल जा चुका था। जांच में सामने आया कि जेल में ही उसका संपर्क नशा तस्करों से हुआ और पिछले छह माह से वह नेटवर्क के साथ मिलकर नशे की बिक्री कर रहा था।
- तीन माह में 60 नशा तस्कर गिरफ्तार, अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार 60 तस्करों में 45 ग्रामीण और 15 शहरी क्षेत्र के हैं। गांव से लेकर शहर तक नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। पुलिस ने शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद और हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, हिसार के आरोपियों को पकड़ा है।
- तीन माह में पुलिस ने यह नशा किया जब्त
हेरोइन : 201 ग्राम
गांजा : 3 किलो 90 ग्राम
अफीम : 2 किलो 30 ग्राम
टेबलेट : 5 हजार
नोट: आंकड़े जनवरी से मार्च माह तक के हैं।
-- जेलों में बंद तस्कर ही देते हैं टिप्स
जांच में सामने आया है कि पुलिस सप्लाई करने वालों को तो गिरफ्तार कर लेती है, लेकिन जेल में बंद नेटवर्क संचालकों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। जेलों में बंद सरगना ही जमानत पर छूटने वाले आरोपियों को नशा कहां से लेना है और कैसे सप्लाई करनी है, इसकी पूरी जानकारी देते हैं। हालांकि पुलिस ने जल्द ही ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की बात कही है।
इन्होंने कहा...
नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा और आसपास के जिलों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। जांच में सामने आया है कि जेलों में नशे का नेटवर्क बन रहा है। संबंधित पुलिस और जेल प्रशासन के सहयोग से इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही इस संबंध में वेस्ट यूपी और हरियाणा के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी
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- पुलिस की तीन माह की रिपोर्ट में खुलासा
- नेटवर्क बेनकाब करने को हरियाणा और आसपास के जिलों की पुलिस का सहयोग लेगी जिला पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वेस्ट यूपी के साथ-साथ हरियाणा की जेलों में नशे का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। यह खुलासा शामली पुलिस की तीन माह की तैयार रिपोर्ट में हुआ है। पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया है कि मारपीट, चोरी जैसे मामलों में जेल जाने वाले आरोपी वहां नशा तस्करों के संपर्क में आ जाते हैं और जमानत पर छूटने के बाद नशे की सप्लाई शुरू कर देते हैं।
पिछले तीन माह में पुलिस ने 60 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 40 आरोपी जेल से छूटने के बाद नशे के नेटवर्क से जुड़े पाए गए। ये आरोपी खुद नशा बेचने के साथ-साथ दूसरों से भी सप्लाई करवा रहे हैं।
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इन मामलों से समझिए, कैसे जेलों में तैयार हो रहा नेटवर्क
केस-1
कैराना पुलिस ने दो जनवरी को एक करोड़ रुपये की स्मैक के साथ पानीपत की नई बस्ती निवासी मुनीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह जानलेवा हमले के मामले में पानीपत जेल में बंद रहा था, जहां उसका संपर्क नशा तस्करों से हुआ। जमानत पर छूटने के बाद वह पिछले एक साल से पानीपत, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों में नशा सप्लाई कर रहा था।
केस-2
झिंझाना पुलिस ने दो मार्च को कैराना के कांधला रोड निवासी साजिद को आठ ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। उसका साथी मौके से भाग गया था। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2025 में अवैध हथियार के मामले में जेल गया था, जहां नशा तस्करों से संपर्क हुआ और इसके बाद वह विभिन्न जिलों में नशा सप्लाई करने लगा।
केस-3
कांधला पुलिस ने 12 फरवरी को जलालाबाद निवासी समीर को 2 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। वह पहले जानलेवा हमले के मामले में जेल जा चुका था। जांच में सामने आया कि जेल में ही उसका संपर्क नशा तस्करों से हुआ और पिछले छह माह से वह नेटवर्क के साथ मिलकर नशे की बिक्री कर रहा था।
- तीन माह में 60 नशा तस्कर गिरफ्तार, अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार 60 तस्करों में 45 ग्रामीण और 15 शहरी क्षेत्र के हैं। गांव से लेकर शहर तक नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। पुलिस ने शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद और हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, हिसार के आरोपियों को पकड़ा है।
- तीन माह में पुलिस ने यह नशा किया जब्त
हेरोइन : 201 ग्राम
गांजा : 3 किलो 90 ग्राम
अफीम : 2 किलो 30 ग्राम
टेबलेट : 5 हजार
नोट: आंकड़े जनवरी से मार्च माह तक के हैं।
जांच में सामने आया है कि पुलिस सप्लाई करने वालों को तो गिरफ्तार कर लेती है, लेकिन जेल में बंद नेटवर्क संचालकों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। जेलों में बंद सरगना ही जमानत पर छूटने वाले आरोपियों को नशा कहां से लेना है और कैसे सप्लाई करनी है, इसकी पूरी जानकारी देते हैं। हालांकि पुलिस ने जल्द ही ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की बात कही है।
इन्होंने कहा...
नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा और आसपास के जिलों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। जांच में सामने आया है कि जेलों में नशे का नेटवर्क बन रहा है। संबंधित पुलिस और जेल प्रशासन के सहयोग से इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही इस संबंध में वेस्ट यूपी और हरियाणा के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी