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Muzaffarnagar News: दुष्कर्म के दोषी मामा को उम्रकैद, कोर्ट ने लिखा...सामाजिक पुनर्जागरण जरूरी
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मुजफ्फरनगर। खतौली थाना क्षेत्र के गांव में बिस्किट दिलाने के बहाने डेढ़ साल की भांजी के साथ दुष्कर्म के दोषी मामा पिंकू उर्फ टिंकू को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वारदात के 134 और आरोप तय होने के सिर्फ 21 दिन बाद फैसला आया। अपर सत्र न्यायालय (विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट) के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार सिद्धू ने लिखा कि मानवीय रिश्तों एवं नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने के लिए सामाजिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है।
सत्संग और स्वाध्याय की सीढ़ी व्यक्ति को सदाचार की ओर ले जाती है। नैतिक शिक्षा को भी शिक्षा प्रणाली में उचित स्थान देकर नई पीढ़ी उच्च मूल्यों सहित तैयार की जा सकती है, जिस पर विचार करने की आवश्यकता है। पीड़िता की मां ने 12 मार्च को अपने चचेरे भाई के खिलाफ डेढ़ साल की बेटी के यौन उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा था। आरोपी के खिलाफ सात मई को आरोपपत्र दाखिल किया गया।
शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त पर दोष सिद्ध करते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(एम/एन)/6 के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसका अभिप्राय दोषसिद्ध अपराधी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा। दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया, जिसे प्रतिकर के तौर पर पीड़िता को देना होगा।
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सत्संग और स्वाध्याय की सीढ़ी व्यक्ति को सदाचार की ओर ले जाती है। नैतिक शिक्षा को भी शिक्षा प्रणाली में उचित स्थान देकर नई पीढ़ी उच्च मूल्यों सहित तैयार की जा सकती है, जिस पर विचार करने की आवश्यकता है। पीड़िता की मां ने 12 मार्च को अपने चचेरे भाई के खिलाफ डेढ़ साल की बेटी के यौन उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा था। आरोपी के खिलाफ सात मई को आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त पर दोष सिद्ध करते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(एम/एन)/6 के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसका अभिप्राय दोषसिद्ध अपराधी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा। दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया, जिसे प्रतिकर के तौर पर पीड़िता को देना होगा।
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