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Muzaffarnagar: डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले मामा को कोर्ट ने दी ये सजा, खतौली का है मामला
Sat, 25 Jul 2026 12:09 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:09 AM IST
सार
मीरापुर से खतौली अपने मामा के घर मां के साथ बच्ची आई थी। बहाने से उसका मामा पिंकू उर्फ टिंकू बच्ची को लेकर गया और अमानवीय काम किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
खतौली थाना क्षेत्र के गांव में बिस्किट दिलाने के बहाने डेढ़ साल की भांजी के साथ दुष्कर्म के दोषी मामा पिंकू उर्फ टिंकू को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वारदात के 134 और आरोप तय होने के सिर्फ 21 दिन बाद फैसला आया। अपर सत्र न्यायालय (विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट) के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार सिद्धू ने लिखा कि मानवीय रिश्तों एवं नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने के लिए सामाजिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है। सत्संग और स्वाध्याय की सीढ़ी व्यक्ति को सदाचार की ओर ले जाती है। नैतिक शिक्षा को भी शिक्षा प्रणाली में उचित स्थान देकर नई पीढ़ी उच्च मूल्यों सहित तैयार की जा सकती है, जिस पर विचार करने की आवश्यकता है।
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पीड़िता की मां ने 12 मार्च को अपने चचेरे भाई के खिलाफ डेढ़ साल की बेटी के यौन उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा था। आरोपी के खिलाफ सात मई को आरोपपत्र दाखिल किया गया। शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त पर दोष सिद्ध करते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(एम/एन)/6 के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसका अभिप्राय दोषसिद्ध अपराधी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा। दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया, जिसे प्रतिकर के तौर पर पीड़िता को देना होगा।
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पीछे छूट रहे मूल्य...नई पीढ़ी के सृजन की आवश्यकता
अदालत ने 45 पेज के फैसले में लिखा कि वर्तमान समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास गंभीर चिंता का विषय बन गया है। भौतिकता की अंधी दौड़, स्वार्थपरता , बढ़ती हुई तकनीकी निर्भरता के कारण सत्य, करुणा, ईमानदारी और आदर जैसे मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से जिस प्रकार की अवास्तविक एवं अश्लील सामग्री तकनीक के माध्यम से समाज में परोसी जा रही है, वह वर्तमान समाज और भविष्य के लिए सृजित हो रहे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पीड़िता के साथ हुई घटना मानवीयता को शर्मसार करने वाली है। समाज को एक ऐसी नई पीढ़ी की सृजन की आवश्यकता है, जिससे कि समाज में उत्पन्न हो रही ऐसी बुराइयों को समय रहते हुए दूर किया जा सके। किसी भी व्यक्ति और समाज दोनों के उत्थान का मूल मंत्र सदाचार के पालन में है और आचरण की सभ्यता का देश ही निराला होता है, जिसमें न तो शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक झगड़े होते हैं, न ही कोई धनवान और निर्धन होता है और न ही कोई विद्रोह है, बल्कि वहां तो प्रेम और अखंडता का राज्य होता है।
अदालत ने 45 पेज के फैसले में लिखा कि वर्तमान समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास गंभीर चिंता का विषय बन गया है। भौतिकता की अंधी दौड़, स्वार्थपरता , बढ़ती हुई तकनीकी निर्भरता के कारण सत्य, करुणा, ईमानदारी और आदर जैसे मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से जिस प्रकार की अवास्तविक एवं अश्लील सामग्री तकनीक के माध्यम से समाज में परोसी जा रही है, वह वर्तमान समाज और भविष्य के लिए सृजित हो रहे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पीड़िता के साथ हुई घटना मानवीयता को शर्मसार करने वाली है। समाज को एक ऐसी नई पीढ़ी की सृजन की आवश्यकता है, जिससे कि समाज में उत्पन्न हो रही ऐसी बुराइयों को समय रहते हुए दूर किया जा सके। किसी भी व्यक्ति और समाज दोनों के उत्थान का मूल मंत्र सदाचार के पालन में है और आचरण की सभ्यता का देश ही निराला होता है, जिसमें न तो शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक झगड़े होते हैं, न ही कोई धनवान और निर्धन होता है और न ही कोई विद्रोह है, बल्कि वहां तो प्रेम और अखंडता का राज्य होता है।
तीन जुलाई को तय हुए आरोप...तेजी से कराए साक्ष्य
प्रकरण में इसी माह तीन जुलाई को आरोप तय हुए । इसके बाद साक्ष्य अभियोजन की प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू हुई। अंतिम बहस 21 जुलाई को हुई। शुक्रवार को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ और अदालत ने फैसला सुनाया।
प्रकरण में इसी माह तीन जुलाई को आरोप तय हुए । इसके बाद साक्ष्य अभियोजन की प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू हुई। अंतिम बहस 21 जुलाई को हुई। शुक्रवार को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ और अदालत ने फैसला सुनाया।
मीरापुर से अपने मामा के घर आई थी पीड़िता
असल में वादी का विवाह मीरापुर क्षेत्र के गांव में हुआ था। 10 मार्च को वह अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ मायके आई। 12 मार्च की दोपहर चचेरा भाई पिंकू डेढ़ साल की बेटी को दोपहर में एक बजे बिस्किट दिलाने के लिए लेकर गया और दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष ने मामले को जमीनी रंजिश को बताया और तर्क दिया कि बच्ची को गिरकर चोट लगी है।
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असल में वादी का विवाह मीरापुर क्षेत्र के गांव में हुआ था। 10 मार्च को वह अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ मायके आई। 12 मार्च की दोपहर चचेरा भाई पिंकू डेढ़ साल की बेटी को दोपहर में एक बजे बिस्किट दिलाने के लिए लेकर गया और दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष ने मामले को जमीनी रंजिश को बताया और तर्क दिया कि बच्ची को गिरकर चोट लगी है।
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