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Muzaffarnagar: किशोरी से किया दुष्कर्म, फिर कर ली शादी, कोर्ट ने पति को दी 10 साल की सजा, फैसले में ये लिखा...
Wed, 29 Jul 2026 09:19 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 29 Jul 2026 09:19 PM IST
सार
सहारनपुर निवासी दीपक ने मुजफ्फरनगर के पुरकाजी की किशोरी से दुष्कर्म किया था। किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दोनों की शादी हो गई थी, मगर कोर्ट में केस चल रहा था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध को शादी के आवरण में नहीं ढका जा सकता।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
पुरकाजी क्षेत्र में पांच साल पहले किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी सहारनपुर के दीपक को अदालत ने 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। पीड़िता ने अभियुक्त से विवाह कर लिया था और अदालत में पक्षद्रोही हो गई।
विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार सिद्धू ने फैसले में लिखा कि अपराधी और पीड़िता के मध्य विवाह हो जाना उस अपराध की गंभीरता को न तो कम कर सकता है और न ही उसे विधि सम्मत क्षमा प्रदान कर सकता है। ऐसे अपराधों को विवाह के आवरण में ढककर दंड से मुक्ति प्रदान की जाए तो यह न्याय के मूलभूत सिद्धांतों, विधि के शासन तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति समाज के विश्वास को गहरी ठेस पहुंचाएगा।
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विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार सिद्धू ने फैसले में लिखा कि अपराधी और पीड़िता के मध्य विवाह हो जाना उस अपराध की गंभीरता को न तो कम कर सकता है और न ही उसे विधि सम्मत क्षमा प्रदान कर सकता है। ऐसे अपराधों को विवाह के आवरण में ढककर दंड से मुक्ति प्रदान की जाए तो यह न्याय के मूलभूत सिद्धांतों, विधि के शासन तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति समाज के विश्वास को गहरी ठेस पहुंचाएगा।
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घर से किशोरी 20 जनवरी 2021 को संदिग्ध हालात में लापता हुई। उसके पिता ने 22 जनवरी को पुरकाजी थाने में सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव निवासी दीपक और उसके पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जमानत पर जेल से छूटने के बाद दीपक ने पीड़िता के साथ नौ सितंबर 2023 को विवाह कर लिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दोनों की शादी का हवाला दिया। अदालत ने पॉक्सो के मामले में शादी के नाम पर राहत देने से इन्कार कर दिया।
बुधवार को दोष सिद्ध कर दीपक को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-3/4(1) के अपराध में 10 वर्ष का कठोर कारावास, आठ हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में सात वर्ष का कारावास, चार हजार रुपये अर्थदंड, धारा 363 में पांच साल कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। दोष सिद्ध को अर्थदंड के 14 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने होंगे। ट्रायल के दौरान आरोपी के पिता की मौत हो गई, जिस कारण पिछले महीने छह जून को उसके खिलाफ कार्रवाई उपशमित कर दी गई थी।
इस तरह मुलाकात...सजा के वक्त मौजूद थी पीड़िता
अभियुक्त दीपक और उसका पिता मजदूरी करने के लिए अक्सर पीड़िता के पिता के पास आते थे। यहीं पर पहली मुलाकात हुई। कक्षा तीन तक पढ़ी पीड़िता की उम्र शैक्षिक प्रमाणपत्रों में 16 और मेडिकल में करीब 17 साल मिली। बयानों में भी पीड़िता ने अपनी उम्र 17 साल बताई।
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