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Muzaffarnagar News: अब हम आत्मनिर्भर ही नहीं, दूसरों के लिए भी प्रेरणा भी
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रुड़की रोड स्थित अमर उजाला कार्यालय पर संवाद कार्यक्रम में भाग लेती हुईं स्वयं सहायता समूह की म
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मुजफ्फरनगर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने जीवन के संघर्ष, चुनौतियों और सफलता की कहानियां साझा कीं। महिलाओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बनाया, बल्कि समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास भी दिया। छोटे-छोटे प्रयासों ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और आज वह अपने परिवार के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
पार्थ स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष दीपिका ने कहा कि पहले वह घर तक सीमित थीं, लेकिन आज निर्णय लेने और समाज में अपनी बात रखने का आत्मविश्वास मिला है। गंगा स्वयं सहायता समूह की रचना ने बताया कि कैडर सखी बनकर महिलाओं को आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान भी दिलाया। समूह से जुड़ने के बाद परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से योगदान दे रही हैं।
ज्योति समूह की अध्यक्ष ज्योति ने अपने संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती दौर आसान नहीं था, लेकिन निरंतर प्रयासों ने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। प्रेरणा कैंटीन का संचालन कर रहीं प्रीति ने बताया कि शुरुआत में संसाधनों की कमी और काम को स्थापित करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत से हर मुश्किल को पार किया।
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आटा चक्की का संचालन करने वाली अनीता ने उत्पादों की सप्लाई और बाजार तक पहुंच बनाने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और ग्राहकों का विश्वास ही उनके व्यवसाय की सबसे बड़ी ताकत है। आरती और पूनम ने कहा कि साबुन बनाने का काम घर से ही कर आगे बढ़ रही हैं।
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पार्थ स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष दीपिका ने कहा कि पहले वह घर तक सीमित थीं, लेकिन आज निर्णय लेने और समाज में अपनी बात रखने का आत्मविश्वास मिला है। गंगा स्वयं सहायता समूह की रचना ने बताया कि कैडर सखी बनकर महिलाओं को आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान भी दिलाया। समूह से जुड़ने के बाद परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से योगदान दे रही हैं।
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ज्योति समूह की अध्यक्ष ज्योति ने अपने संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती दौर आसान नहीं था, लेकिन निरंतर प्रयासों ने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। प्रेरणा कैंटीन का संचालन कर रहीं प्रीति ने बताया कि शुरुआत में संसाधनों की कमी और काम को स्थापित करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत से हर मुश्किल को पार किया।
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आटा चक्की का संचालन करने वाली अनीता ने उत्पादों की सप्लाई और बाजार तक पहुंच बनाने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और ग्राहकों का विश्वास ही उनके व्यवसाय की सबसे बड़ी ताकत है। आरती और पूनम ने कहा कि साबुन बनाने का काम घर से ही कर आगे बढ़ रही हैं।