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Muzaffarnagar News: डेढ गुना हुए प्लास्टिक दाना के दाम, घटाना पड़ रहा उत्पादन
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प्लास्टिक का सामान बनाने वाली वहलना स्थित फैक्ट्री में उत्पादन रोक दिया गया है। संवाद
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मुजफ्फरनगर। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन बाधित होने से प्लास्टिक दाना महंगा होने लगा है। पिछले चार दिन में प्लास्टिक दाना के दाम डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। प्लास्टिक का सामान जैसे बाल्टी, केतली, किचन वेयर आदि बनाने वाली इकाइयों को नुकसान से बचने के लिए उत्पादन घटाने पर मजबूर होना पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इसे प्लास्टिक उत्पादन का मुख्य कच्चा माल माना जाता है। पिछले कुछ दिनों में प्लास्टिक दाने की कीमत में 40 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका प्रभाव जनपद की कई प्लास्टिक इंडस्ट्री पर पड़ा है।
जनपद में प्लास्टिक दाना यानी प्लास्टिक पॉलीमर से अन्य सामान बनाने की कई इंडस्ट्री संचालित हैं। खाड़ी के देशों से कच्चे माल की आवाजाही बंद होने के कारण इसके दाम में डेढ़ गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
सुजड़ू चुंगी पर संचालित बजरंग प्लास्टिक, वहलना की हिमालयन प्लास्टिक और इनग्रीन प्लास्ट, रुड़की रोड पर संचालित होने वाली मयंक इंडस्ट्री, श्रीजी इंडस्ट्री आदि ने उत्पादन कम कर दिया है।
नुकसान से बचने के लिए कम किया उत्पादन : अतुल
वहलना में संचालित श्री जी इंडस्ट्री के निदेशक अतुल मित्तल का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते प्लास्टिक दाना की कीमत डेढ़ गुना बढ़ गई है। चार दिन के भीतर दामों में इतना उछाल किसी भी उद्यमी के लिए नुकसानदेह हैं। बताया कि यदि इस दाम में कच्चा माल खरीदकर प्लास्टिक का सामान बनाया तो महंगे दाम पर उसे मार्केट में ग्राहक नहीं मिलेगा।
बढ़ रहा नुकसान का खतरा : अनमोल
प्लास्टिक का सामान बनाने वाली वहलना में संचालित हिमालयन प्लास्टिक्स इकाई के निदेशक एवं युवा उद्यमी अनमोल अग्रवाल का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध का प्रभाव प्लास्टिक इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हो रही है। जो माल आ रहा है उस पर ब्लैक हो रहा है। प्लास्टिक दाना के दाम चार तीन से चार दिन में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। ऐसे में पूरी क्षमता से उत्पादन जारी रखना नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
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कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इसे प्लास्टिक उत्पादन का मुख्य कच्चा माल माना जाता है। पिछले कुछ दिनों में प्लास्टिक दाने की कीमत में 40 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका प्रभाव जनपद की कई प्लास्टिक इंडस्ट्री पर पड़ा है।
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जनपद में प्लास्टिक दाना यानी प्लास्टिक पॉलीमर से अन्य सामान बनाने की कई इंडस्ट्री संचालित हैं। खाड़ी के देशों से कच्चे माल की आवाजाही बंद होने के कारण इसके दाम में डेढ़ गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
सुजड़ू चुंगी पर संचालित बजरंग प्लास्टिक, वहलना की हिमालयन प्लास्टिक और इनग्रीन प्लास्ट, रुड़की रोड पर संचालित होने वाली मयंक इंडस्ट्री, श्रीजी इंडस्ट्री आदि ने उत्पादन कम कर दिया है।
नुकसान से बचने के लिए कम किया उत्पादन : अतुल
वहलना में संचालित श्री जी इंडस्ट्री के निदेशक अतुल मित्तल का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते प्लास्टिक दाना की कीमत डेढ़ गुना बढ़ गई है। चार दिन के भीतर दामों में इतना उछाल किसी भी उद्यमी के लिए नुकसानदेह हैं। बताया कि यदि इस दाम में कच्चा माल खरीदकर प्लास्टिक का सामान बनाया तो महंगे दाम पर उसे मार्केट में ग्राहक नहीं मिलेगा।
बढ़ रहा नुकसान का खतरा : अनमोल
प्लास्टिक का सामान बनाने वाली वहलना में संचालित हिमालयन प्लास्टिक्स इकाई के निदेशक एवं युवा उद्यमी अनमोल अग्रवाल का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध का प्रभाव प्लास्टिक इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हो रही है। जो माल आ रहा है उस पर ब्लैक हो रहा है। प्लास्टिक दाना के दाम चार तीन से चार दिन में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। ऐसे में पूरी क्षमता से उत्पादन जारी रखना नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
