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Muzaffarnagar News: चीनी मिलों का भर गया खजाना, किसानों की जेबें खाली
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गन्ने का खेत : फाइल फोटो
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मुजफ्फरनगर। किसानों के गन्ने ने चीनी मिलों का खजाना भर दिया लेकिन भुगतान नहीं मिलने से अन्नदाता की जेबें खाली हैं। बुढ़ाना की भैसाना के अलावा शामली, थानाभवन और ऊन चीनी मिल पर अभी भी 339.65 करोड़ रुपये बकाया हैं। शादियों के शुभ मुहुर्त शुरू हो चुके हैं। शिक्षा के नए सत्र में अभिभावकों को बच्चों की फीस का इंतजाम करना चुनौती साबित हो रहा है।
पेराई सत्र 2025-26 में भैसाना चीनी मिल पर 13 हजार किसानों ने 234.06 करोड़ रुपये के गन्ने की आपूर्ति की थी। चीनी मिल ने 21 जनवरी के बाद से अब तक किसानों को भुगतान नहीं किया। अप्रैल के शुरूआत में ही चीनी मिल का सत्र पूरा हो गया। वर्तमान में मिल पर 140.15 करोड़ रुपये बकाया है।
शामली की थानाभवन चीनी मिल पर 144.04 करोड़, ऊन शुगर मिल पर 41.29 करोड़ और शामली शुगर मिल पर 14.17 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। शामली के जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाह दावा करते हैं कि शामली शुगर मिल का शत प्रतिशत भुगतान शुक्रवार तक करा दिया जाएगा। अन्य चीनी मिलों का बकाया भी चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि के आधार पर किया जाएगा।
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किस चीनी मिल ने कितनी की पेराई
चीनी मिल पेराई
भैसाना 94.89 लाख क्विंटल
शामली 81.30 लाख क्विंटल
थानाभवन 76.50 लाख क्विंटल
ऊन 67.83 लाख क्विंटल
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बेटा घायल...किसान को चाहिए भुगतान
बुढ़ाना के बड़कता गांव के किसान अनिल कुमार कहते हैं कि उनका इकलौता बेटा हादसे में घायल हो गया। चीनी मिल को मेडिकल के आधार पर भुगतान के लिए प्रार्थनापत्र दिया लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।
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भैसाना मिल को खूब मिली रिकवरी
चीनी उत्पादन 10.33 लाख क्विंटल
शीरा उत्पादन 04.51 लाख क्विंटल
रिकवरी 10.89 प्रतिशत
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चीनी और शीरे का रिकॉर्ड उत्पादन
किसानों के खेत से निकले गन्ने ने चीनी मिलों को मालामाल कर दिया। खतौली, तितावी, बुढ़ाना, मंसूरपुर, टिकौला, खाईखेड़ी, रोहाना और मोरना सहकारी चीनी मिल ने कुल 806.85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। इससे 87.71 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। जिले की औसत रिकवरी 10.87 प्रतिशत रही। सप्लाई किए गए गन्ने का मूल्य 3182.5 करोड़ रहा। सात चीनी मिले शत प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। भैसाना मिल पर अभी भी 140.15 करोड़ रुपये बकाया है।
पेराई सत्र 2025-26 में भैसाना चीनी मिल पर 13 हजार किसानों ने 234.06 करोड़ रुपये के गन्ने की आपूर्ति की थी। चीनी मिल ने 21 जनवरी के बाद से अब तक किसानों को भुगतान नहीं किया। अप्रैल के शुरूआत में ही चीनी मिल का सत्र पूरा हो गया। वर्तमान में मिल पर 140.15 करोड़ रुपये बकाया है।
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शामली की थानाभवन चीनी मिल पर 144.04 करोड़, ऊन शुगर मिल पर 41.29 करोड़ और शामली शुगर मिल पर 14.17 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। शामली के जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाह दावा करते हैं कि शामली शुगर मिल का शत प्रतिशत भुगतान शुक्रवार तक करा दिया जाएगा। अन्य चीनी मिलों का बकाया भी चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि के आधार पर किया जाएगा।
किस चीनी मिल ने कितनी की पेराई
चीनी मिल पेराई
भैसाना 94.89 लाख क्विंटल
शामली 81.30 लाख क्विंटल
थानाभवन 76.50 लाख क्विंटल
ऊन 67.83 लाख क्विंटल
बेटा घायल...किसान को चाहिए भुगतान
बुढ़ाना के बड़कता गांव के किसान अनिल कुमार कहते हैं कि उनका इकलौता बेटा हादसे में घायल हो गया। चीनी मिल को मेडिकल के आधार पर भुगतान के लिए प्रार्थनापत्र दिया लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।
भैसाना मिल को खूब मिली रिकवरी
चीनी उत्पादन 10.33 लाख क्विंटल
शीरा उत्पादन 04.51 लाख क्विंटल
रिकवरी 10.89 प्रतिशत
चीनी और शीरे का रिकॉर्ड उत्पादन
किसानों के खेत से निकले गन्ने ने चीनी मिलों को मालामाल कर दिया। खतौली, तितावी, बुढ़ाना, मंसूरपुर, टिकौला, खाईखेड़ी, रोहाना और मोरना सहकारी चीनी मिल ने कुल 806.85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। इससे 87.71 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। जिले की औसत रिकवरी 10.87 प्रतिशत रही। सप्लाई किए गए गन्ने का मूल्य 3182.5 करोड़ रहा। सात चीनी मिले शत प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। भैसाना मिल पर अभी भी 140.15 करोड़ रुपये बकाया है।