Weather Update: 4.2 डिग्री लुढ़का तापमान, बादल-हवा से बदला मौसम, फसल को लेकर बढ़ी किसानों की चिंता
मुजफ्फरनगर में मौसम के उतार-चढ़ाव से तापमान 4.2 डिग्री गिर गया। बादल और ठंडी हवा के बीच बूंदाबांदी के आसार से गेहूं-सरसों की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विस्तार
मुजफ्फरनगर में मौसम के उतार-चढ़ाव ने बेचैनी बढ़ा दी है। दिन के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट रही। आसमान में बादल छाए रहे। गेहूं और सरसों की फसल पक कर तैयार है, ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। सब्जी के किसान भी चिंतित है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को तापमान 35.0 डिग्री पर पहुंच गया था। आसमान में बादल छाए रहने के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट रही। अगले पांच दिन मौसम में इसी तरह के उतार-चढ़ाव, आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार है। बदलते मौसम के कारण किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना है।
इस तरह बदल रहा मौसम
तिथि तापमान
03 अप्रैल 30.8 डिग्री
02 अप्रैल 35.0 डिग्री
01 अप्रैल 31.5 डिग्री
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स्वास्थ्य का रखें ख्याल, बढ़ रही बीमारियां
मौसम में परिवर्तन से लोगों को बीमारियां घेर रही हैं। एलर्जिक और अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। जिला अस्पताल ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। शुक्रवार को अवकाश होने के कारण 12 बजे तक ही ओपीडी चली।
वायरल बुखार, खांसी, सर्दी और त्वचा संबंधी एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से संक्रमण का खतरा अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार, खान-पान में सावधानी, पर्याप्त पानी और बदलते मौसम के अनुकूल कपड़े पहनना बचाव के लिए जरूरी है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा ने बताया कि ओपीडी में सर्दी, जुकाम, गले में संक्रमण और चर्म रोग (दाद, खुजली) के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मौसम में परिवर्तन से एलर्जिक मरीजों की सांस की नली में सूजन की शिकायत सामने आती है।
परिवर्तित होते मौसम में ये बरतें सावधानी
- ठंडी चीजों (फ्रिज का पानी) के सेवन से बचें।
- बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ-मुंह धोएं।
- विटामिन-सी युक्त भोजन (आंवला, संतरा) लें।
- धूल और सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें।