जाटों का महासंग्राम: चौधरी चरण सिंह पर अभद्र टिप्पणी का विरोध, रालोद नेताओं की चेतावनी-माफी मांगे जाट संसद
Meerut: मेरठ में जाट महासभा और रालोद के पदाधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह पर की गई टिप्पणी का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय जाट संसद से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
विस्तार
चौधरी चरण सिंह पर की गई टिप्पणी को लेकर पश्चिमी यूपी के जाटों में ठन गई है। मेरठ में जाट महासभा और रालोद के पदाधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के विषय में की गई टिप्पणी का विरोध किया। बृहस्पतिवार को कमिश्नरी चौराहा स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में एकत्र होकर पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पार्क में एकत्र होकर जताया विरोध
जाट महासभा और रालोद के पदाधिकारी चौधरी चरण सिंह पार्क पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह के विषय में की गई टिप्पणी को लेकर विरोध दर्ज कराया।
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कार्रवाई और माफी की मांग
अखिल भारतीय जाट महासभा के मेरठ मंडल अध्यक्ष चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक अध्यक्ष रामअवतार पलसानिया ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के विषय में अभद्र टिप्पणी की है। जाट महासभा इसका विरोध करती है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जाट संसद को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया।
रामअवतार पलसानिया के खिलाफ मुकदमे की मांग, कंकरखेड़ा थाने पर RLD का धरना
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक अध्यक्ष रामअवतार पलसानिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर कंकरखेड़ा थाने पर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, जिस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
धरने के दौरान जिलाध्यक्ष अनीकेत भारद्वाज, सुनील रोहटा, चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर, वीरेंद्र तोमर, अरविंद तोमर, चंद्रवीर सिंह और गौरव जटौली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।