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Muzaffarnagar News: हथियार बरामदगी मामले में आज आ सकता है फैसला
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली में 32 साल बाद शुक्रवार को फैसला आ सकता है। तत्कालीन एसओ झिंझाना समेत तीन पुलिसकर्मियों पर आंदोलनकारियों से फर्जी हथियार बरामद करने का आरोप है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम/विशेष न्यायालय सीबीआई के पीठासीन अधिकारी देवेंद्र सिंह फौजदार सुनवाई करेंगे।
एक अक्टूबर 1994 को तत्कालीन एसओ झिंझाना ब्रज किशोर ने सिपाही अनिल कुमार, उमेश कुमार, कमल किशोर के साथ रामपुर तिराहा पर बसों की चेकिंग की थी। आंदोलनकारियों के खिलाफ तमंचे और खुखरी बरामदगी का मामला छपार थाने में दर्ज कराया। सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की ओर से बरामद दिखाए गए तमंचों को फोरेंसिक लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया।
जांच में सामने आया कि साथ भेजे गए कारतूस उन तमंचों से नहीं चलाए गए थे। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। वाद के दौरान कमल किशोर की मृत्यु हो गई। इससे उनके विरुद्ध कार्रवाई बंद कर दी गई। सीबीआई ने न्यायालय में 17 गवाह प्रस्तुत किए हैं। आरोपियों पर धारा 182, 211, 218 और 120बी में प्राथमिकी दर्ज की।
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एक अक्टूबर 1994 को तत्कालीन एसओ झिंझाना ब्रज किशोर ने सिपाही अनिल कुमार, उमेश कुमार, कमल किशोर के साथ रामपुर तिराहा पर बसों की चेकिंग की थी। आंदोलनकारियों के खिलाफ तमंचे और खुखरी बरामदगी का मामला छपार थाने में दर्ज कराया। सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की ओर से बरामद दिखाए गए तमंचों को फोरेंसिक लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया।
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जांच में सामने आया कि साथ भेजे गए कारतूस उन तमंचों से नहीं चलाए गए थे। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। वाद के दौरान कमल किशोर की मृत्यु हो गई। इससे उनके विरुद्ध कार्रवाई बंद कर दी गई। सीबीआई ने न्यायालय में 17 गवाह प्रस्तुत किए हैं। आरोपियों पर धारा 182, 211, 218 और 120बी में प्राथमिकी दर्ज की।