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Pilibhit News: फिटनेस जांच के लिए 50 किमी की दौड़, नहीं थमीं मुश्किलें
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पीलीभीत। जिले में स्वचालित फिटनेस जांच सेंटर न होने से यहां के वाहन स्वामियों को 50 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विभाग की ओर से फिटनेस सेंटर के लिए आवेदन मांगे जाने के बाद भी अब तक किसी ने आवेदन नहीं किया। एआरटीओ कार्यालय से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। अधिकांश कार्याें को ऑनलाइन कर दिया गया है। अभी तक वाहनों की फिटनेस मैनुअल की जा रही थी। इसमें कई ऐसे वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट दे दिया जाता है, जो वाहन चलने योग्य भी नहीं होते थे। इसको लेकर शासन स्तर से वाहनों की फिटनेस के लिए ऑटोमैटिक फिटनेस जांच सेंटर खुलवाए जाने के निर्देश दिए गए, मगर फिटनेस जांच सेंटर के लिए जिले से एक भी आवेदन नहीं किया जा सका।
जिले में स्वचालित फिटनेस सेंटर न होने से लोगों को अपना वाहन लेकर 50 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। वे बरेली या फिर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर को जाने को मजबूर हैं। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फिटनेस जांच सेंंटर न होने से यहां के लोगों को बरेली जाना पड़ रहा है। जल्द ही फिटनेस सेंटर को लेकर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। संवाद
स्कूलों संचालकों ने भी डीएम को दिया था ज्ञापन
जिले के कुछ स्कूल संचालकों ने संयुक्त रूप से डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को कुछ दिन पूर्व ज्ञापन दिया था। इसमें बताया कि फिटनेस सेंटर न होने से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही समय और धन का दुरुपयोग हो रहा है। वाहन को फिटनेस सेंटर पर भेजने से स्कूली बच्चों का अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इस पर डीएम ने जल्द समस्या का समाधान कराए जाने के निर्देश दिए थे।
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विभाग की ओर से फिटनेस सेंटर के लिए आवेदन मांगे जाने के बाद भी अब तक किसी ने आवेदन नहीं किया। एआरटीओ कार्यालय से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। अधिकांश कार्याें को ऑनलाइन कर दिया गया है। अभी तक वाहनों की फिटनेस मैनुअल की जा रही थी। इसमें कई ऐसे वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट दे दिया जाता है, जो वाहन चलने योग्य भी नहीं होते थे। इसको लेकर शासन स्तर से वाहनों की फिटनेस के लिए ऑटोमैटिक फिटनेस जांच सेंटर खुलवाए जाने के निर्देश दिए गए, मगर फिटनेस जांच सेंटर के लिए जिले से एक भी आवेदन नहीं किया जा सका।
जिले में स्वचालित फिटनेस सेंटर न होने से लोगों को अपना वाहन लेकर 50 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। वे बरेली या फिर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर को जाने को मजबूर हैं। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फिटनेस जांच सेंंटर न होने से यहां के लोगों को बरेली जाना पड़ रहा है। जल्द ही फिटनेस सेंटर को लेकर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। संवाद
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स्कूलों संचालकों ने भी डीएम को दिया था ज्ञापन
जिले के कुछ स्कूल संचालकों ने संयुक्त रूप से डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को कुछ दिन पूर्व ज्ञापन दिया था। इसमें बताया कि फिटनेस सेंटर न होने से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही समय और धन का दुरुपयोग हो रहा है। वाहन को फिटनेस सेंटर पर भेजने से स्कूली बच्चों का अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इस पर डीएम ने जल्द समस्या का समाधान कराए जाने के निर्देश दिए थे।