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Pilibhit News: त्रिवेणी एक्सप्रेस के सामने कूदकर किराना व्यापारी ने दी जान
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मृतक धीरज अग्रवाल उर्फ़ धीरू
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पीलीभीत। किराना व्यापारी धीरज अग्रवाल उर्फ धीरू ने बृहस्पतिवार सुबह त्रिवेणी एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। बिलगवां रेलवे क्रॉसिंग पर हुई घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम कराया। आत्मघाती कदम के पीछे की वजह फिलहाल सामने नहीं आ सकी है।
शहर और न्यूरिया क्षेत्र में किराना कारोबार से जुड़े 35 वर्षीय व्यापारी धीरज अग्रवाल उर्फ धीरू शहर के तिरुपति गोल्डन पार्क में परिवार के साथ रहते थे। धीरज बृहस्पतिवार सुबह घर से बिना किसी को बताए निकल गए थे। सुबह करीब 9:15 बजे वह बिलगवां रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे और अपनी स्कूटी खड़ी कर दी। इसी दौरान टनकपुर से प्रयागराज जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस जैसे ही वहां पहुंची। धीरज ट्रेन के सामने कूद गए। घटना को देखकर लोको पायलट करनैल सिंह ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ट्रेन की चपेट में आने से व्यापारी का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद ट्रेन करीब 30 मिनट तक मौके पर ही खड़ी रही।
गार्ड एमए खान ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। रेलवे क्रॉसिंग के समीप खड़ी एक स्कूटी पर लोगों की नजर पड़ी। जानकारी जुटाने पर पता चला कि स्कूटी धीरज अग्रवाल की है। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर में परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए।
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सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि शव सौंप दिया गया है। आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। इधर, धीरज की मौत के बाद बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी दीक्षा और छोटी बेटी अहाना बदहवास हैं। घटना की खबर मिलते ही उनके घर पर रिश्तेदारों, मित्रों और व्यापारियों का तांता लग गया। संवाद
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पति की मौत की खबर सुनते ही बिलख पड़ी पत्नी
धीरज की पत्नी दीक्षा अपने पिता और बड़ी बेटी के साथ घर पहुंची तो पता चला कि पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रोते-बिलखते वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां से कचहरी भेज दिया गया। कचहरी में भी सही जानकारी नहीं मिली। परेशान हालत देख राहगीरों ने उन्हें सिविल पुलिस चौकी भेजा। वहीं, जाकर दीक्षा को पति की मौत की खबर मिली। खबर सुनते ही वह बिलख पड़ीं। धीरज के ससुर ने कोतवाली सदर प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया है। परिवार का आरोप है कि परेशानी की घड़ी में भी पुलिस से सहयोग नहीं मिला। हालांकि सदर प्रभारी ने इससे इन्कार किया है।
शहर और न्यूरिया क्षेत्र में किराना कारोबार से जुड़े 35 वर्षीय व्यापारी धीरज अग्रवाल उर्फ धीरू शहर के तिरुपति गोल्डन पार्क में परिवार के साथ रहते थे। धीरज बृहस्पतिवार सुबह घर से बिना किसी को बताए निकल गए थे। सुबह करीब 9:15 बजे वह बिलगवां रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे और अपनी स्कूटी खड़ी कर दी। इसी दौरान टनकपुर से प्रयागराज जा रही त्रिवेणी एक्सप्रेस जैसे ही वहां पहुंची। धीरज ट्रेन के सामने कूद गए। घटना को देखकर लोको पायलट करनैल सिंह ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ट्रेन की चपेट में आने से व्यापारी का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद ट्रेन करीब 30 मिनट तक मौके पर ही खड़ी रही।
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गार्ड एमए खान ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। रेलवे क्रॉसिंग के समीप खड़ी एक स्कूटी पर लोगों की नजर पड़ी। जानकारी जुटाने पर पता चला कि स्कूटी धीरज अग्रवाल की है। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर में परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए।
सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि शव सौंप दिया गया है। आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। इधर, धीरज की मौत के बाद बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी दीक्षा और छोटी बेटी अहाना बदहवास हैं। घटना की खबर मिलते ही उनके घर पर रिश्तेदारों, मित्रों और व्यापारियों का तांता लग गया। संवाद
पति की मौत की खबर सुनते ही बिलख पड़ी पत्नी
धीरज की पत्नी दीक्षा अपने पिता और बड़ी बेटी के साथ घर पहुंची तो पता चला कि पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रोते-बिलखते वह अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां से कचहरी भेज दिया गया। कचहरी में भी सही जानकारी नहीं मिली। परेशान हालत देख राहगीरों ने उन्हें सिविल पुलिस चौकी भेजा। वहीं, जाकर दीक्षा को पति की मौत की खबर मिली। खबर सुनते ही वह बिलख पड़ीं। धीरज के ससुर ने कोतवाली सदर प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया है। परिवार का आरोप है कि परेशानी की घड़ी में भी पुलिस से सहयोग नहीं मिला। हालांकि सदर प्रभारी ने इससे इन्कार किया है।

मृतक धीरज अग्रवाल उर्फ़ धीरू