Pilibhit News: बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
पीलीभीत के कलीनगर इलाके में शारदा नदी किनारे चल रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मानकों की अनदेखी कर कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
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पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र के नगरिया खुर्द कला में शारदा नदी किनारे चल रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान विवेकानंद सरकार के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मानकों की अनदेखी कर रेत के ऊपर ही वायर क्रेट में पत्थर भरकर डाले जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य पहली ही बरसात में बह सकता है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से जांच की मांग की।
शारदा नदी के दाहिने किनारे पर नगरिया खुर्द कला क्षेत्र में सिंचाई विभाग शारदा सागर खंड द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्राम प्रधान विवेकानंद सरकार, ग्राम पंचायत सदस्यों व बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
ग्रामीणों का आरोप था कि ठोकर संख्या-28 पर रेत के ऊपर ही वायर क्रेट में पत्थर भरकर डाले जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि इसी प्रकार कार्य कराया गया तो पूरी संरचना पहली ही बरसात में शारदा नदी की भेंट चढ़ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने इसके लिए संबंधित सहायक अभियंता को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि वह कार्यस्थल पर निरीक्षण के लिए नहीं आते, जिससे ठेकेदार और मजदूर मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।
दो इकाइयों की देखरेख में कराए जा रहे कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष शारदा नदी के दाहिने किनारे पर बाढ़ नियंत्रण कार्य दो विभागीय इकाइयों की देखरेख में कराए जा रहे हैं। सैनिटी तटबंध क्षेत्र का कार्य शारदा सागर खंड के द्वितीय उपखंड खटीमा के अधीन है, जबकि नो-मेंस लैंड से लेकर नगरिया खुर्द कला, जंगल भौजी और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में बाढ़ खंड द्वारा कार्य कराया जा रहा है। नगरिया खुर्द कला क्षेत्र की ठोकर संख्या-28 और 29 पर शारदा सागर खंड के अभियंताओं की देखरेख में कार्य चल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ठोकर संख्या-28 पर पिछले एक माह से कार्य जारी है। समय-समय पर छोटी-मोटी शिकायतें सामने आने पर सुधार भी कराया गया, लेकिन हाल में वायर क्रेट निर्माण के दौरान गंभीर गड़बड़ियों की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान विवेकानंद सरकार ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें सूचना दी थी कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है और कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहता। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य चितरंजन, तपन सरकार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने देखा कि कार्यस्थल पर कोई भी अभियंता मौजूद नहीं था। इससे नाराज ग्रामीणों ने ठेकेदार के प्रतिनिधियों से कार्य तत्काल रोकने और अधिकारियों की मौजूदगी में गुणवत्ता के साथ काम कराने की मांग की।
बड़े पैमाने पर की जा रहीं अनियमितताएं
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि केवल ठोकर संख्या-28 ही नहीं, बल्कि नगरिया कट, जंगल भौजी और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना था कि नदी के भीतर डाले गए जियो बैगों और एप्रन निर्माण में भी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ धरना-प्रदर्शन भी शुरू करेंगे। कुछ समय के लिए कार्य भी रुकवा दिया गया। बाद में सिंचाई विभाग के एक अवर अभियंता व ठेकेदार के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
अभियंता ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नदी के भीतर जियो बैगों से बनाया गया एप्रन लॉन्चिंग एप्रन कहलाता है, जो जलस्तर बढ़ने और कटान होने की स्थिति में नीचे की ओर झुककर मुख्य ठोकर को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे रही है तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। आश्वासन के बाद कुछ देर के लिए रुका कार्य पुनः शुरू करा दिया गया।