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Pilibhit News: जागरूकता नहीं आई काम, बढ़े बाल विवाह के मामले
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पीलीभीत। जिले में बाल विवाह के मामले तेजी से बढ़े हैं। पिछले दो माह में महिला कल्याण विभाग की टीम ने नौ बाल विवाह रुकवाए। जागरूकता के बावजूद भी इनके आंकड़ों में कमी नहीं आ रही। प्रोबेशन विभाग की ओर से लगातार इसको लेकर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
महिला कल्याण विभाग की ओर से बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। दो टीमें जिले के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाल विवाह से होने वाले नुकसान की जानकारी दे रही हैं। इसके बाद भी जिले में लगातार बाल विवाह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मार्च से अब तक नौ बाल विवाह रुकवाए गए हैं। अप्रैल के आठ दिनों में ही महज तीन मामले सामने आए हैं। संरक्षण अधिकारी मीनाक्षी पाठक के अनुसार, लोगों में जागरूकता की कमी नहीं है। अधिकांश मामले बातचीत के बाद सामने आ रहा हैं। यह भी पता चला है कि बालिका का प्रेम प्रसंग होने के चलते लोग समय से पूर्व ही शादी कर रहे हैं। जितने भी विवाह अभी तक रुकवाए गए हैं। उनमें अधिकांश बालिकाएं अध्ययनरत हैं। हालांकि काउंसलिंग के बाद कई बालिकाओं को बेहतर जिंदगी दी जा रही है।
बरखेड़ा क्षेत्र में होंगे कार्यक्रम
संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिले में कई स्थानों से बाल विवाह को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इसमें सबसे अधिक शिकायतें बरखेड़ा क्षेत्र से मिल रही हैं। हाल ही में मिली शिकायतों में करीब चार शिकायतें बरखेड़ा क्षेत्र की हैं, जबकि अन्य जिले के अलग-अलग स्थानों से है। अब यहां जागरूकता को लेकर अतिरिक्त कार्यक्रम कराए जाएंगे। संवाद
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महिला कल्याण विभाग की ओर से बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। दो टीमें जिले के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाल विवाह से होने वाले नुकसान की जानकारी दे रही हैं। इसके बाद भी जिले में लगातार बाल विवाह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मार्च से अब तक नौ बाल विवाह रुकवाए गए हैं। अप्रैल के आठ दिनों में ही महज तीन मामले सामने आए हैं। संरक्षण अधिकारी मीनाक्षी पाठक के अनुसार, लोगों में जागरूकता की कमी नहीं है। अधिकांश मामले बातचीत के बाद सामने आ रहा हैं। यह भी पता चला है कि बालिका का प्रेम प्रसंग होने के चलते लोग समय से पूर्व ही शादी कर रहे हैं। जितने भी विवाह अभी तक रुकवाए गए हैं। उनमें अधिकांश बालिकाएं अध्ययनरत हैं। हालांकि काउंसलिंग के बाद कई बालिकाओं को बेहतर जिंदगी दी जा रही है।
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बरखेड़ा क्षेत्र में होंगे कार्यक्रम
संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिले में कई स्थानों से बाल विवाह को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इसमें सबसे अधिक शिकायतें बरखेड़ा क्षेत्र से मिल रही हैं। हाल ही में मिली शिकायतों में करीब चार शिकायतें बरखेड़ा क्षेत्र की हैं, जबकि अन्य जिले के अलग-अलग स्थानों से है। अब यहां जागरूकता को लेकर अतिरिक्त कार्यक्रम कराए जाएंगे। संवाद