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Pilibhit News: दूसरे पति के प्यार में रची साजिश, कोल्ड ड्रिंक में 15 नींद की गोलियां मिलाकर की पति की हत्या
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पति की हत्या की आरोपी ममता
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माधोटांडा (पीलीभीत)। थाना क्षेत्र के लोहरपुरी गांव में हुई उमाशंकर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि दूसरे पति के साथ रहने की चाह में रोड़ा बनने पर पत्नी ने पहले कोल्ड ड्रिंक में 15 नींद की गोलियां मिलाकर पति उमाशंकर को पिलाईं और बेहोश होने पर आधी रात गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बच्चों के जाग जाने से उसकी साजिश अधूरी रह गई। पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है, जबकि उसके दूसरे पति नकुम भावेश को भी आपराधिक साजिश में नामजद किया गया है।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के लोहरपुरी गांव में शुक्रवार रात उमाशंकर की हत्या हुई थी। पुलिस ने आरोपी पत्नी ममता से पूछताछ की तो सामने आया कि हत्या के पीछे पत्नी ममता और उसके कथित दूसरे पति नकुम भावेश की सोची-समझी साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से चित्तरपुर गांव निवासी उमाशंकर गुजरात में मजदूरी करता था। वर्ष 2024 में वह पत्नी ममता और बच्चों को भी अपने साथ गुजरात ले गया था। वहां एक फैक्टरी में काम करने के दौरान ममता की मुलाकात गुजरात के जामनगर निवासी नकुम भावेश से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और ममता ने पति से छिपाकर उससे शादी भी कर ली। इसकी जानकारी होने पर दोनों में विवाद शुरू हो गया और एक माह बाद ही उमाशंकर पत्नी और बच्चों को लेकर गांव लौट आया, लेकिन ममता का नकुम से संपर्क लगातार बना रहा। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रही। नकुम पूरनपुर में आकर ममता से मिलने लगा। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होने लगा।
पुलिस पूछताछ में ममता ने बताया कि पांच दिन पहले उमाशंकर गुजरात से घर लौटा था। इसके बाद दोनों के बीच नकुम भावेश को लेकर झगड़े बढ़ गए। 31 जुलाई को उसने नकुम को फोन कर पति से परेशान होने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने उमाशंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पहले जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने की योजना बनी, लेकिन बाद में फैसला किया गया कि उमाशंकर की नींद की गोलियों का ही इस्तेमाल किया जाए, ताकि किसी को शक न हो। उमाशंकर खुद अनिद्रा के कारण कभी-कभी नींद की गोलियां खाता था और दवा घर में ही रखी थी। संवाद
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अच्छी नींद के बहाने मासूम के हाथ भेजा मौत का गिलास
शुक्रवार शाम ममता गांव से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाई। उसने करीब 15 नींद की गोलियां पीसकर उसमें मिला दीं। शाम करीब पांच बजे उमाशंकर घर आया और छत पर पड़ी चारपाई पर लेटने चला गया। इसके बाद ममता ने अपनी बेटी गीता को यह कहकर गिलास दिया कि इसमें एक गोली है, जिससे पिता को अच्छी नींद आ जाएगी। मासूम बेटी ने अनजाने में वही कोल्ड ड्रिंक पिता को पिला दी। कुछ देर बाद उमाशंकर गहरी नींद में चला गया। शाम करीब सात बजे बेटा विकास उर्फ विवेक घर आया तो कई बार पिता को खाने के लिए बुलाने छत पर जाना चाहता था, लेकिन ममता ने उसे यह कहकर रोक दिया कि उन्हें सोने दो, परेशान मत करो। रात करीब नौ बजे बच्चे खाना खाकर लेट गए। बच्चों के सो जाने के बाद भी ममता ने वारदात की। उमाशंकर की छटपटाहट सुनकर बेटा छत पर पहुंचा तो ममता वहां से भाग निकली। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन और ठुड्डी पर चोट के निशान मिले, जिससे गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
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बदमाशों पर हत्या का ठीकरा फोड़ने की थी तैयारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद ममता वारदात को बदमाशों की लूटपाट के दौरान हुई हत्या दिखाना चाहती थी। इसके लिए वह पहले ही पूरनपुर से एक सीढ़ी खरीदकर लाई थी। उसने अपने जेवर भी एक पोटली में अलग रख दिए थे, ताकि बाद में बदमाशों द्वारा हत्या और जेवर लूटकर ले जाने की कहानी गढ़ी जा सके। हालांकि बच्चों के जाग जाने से उसकी यह साजिश पूरी नहीं हो सकी। पुलिस पूछताछ में उसने इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं बोला।
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उमाशंकर को रास्ते से हटाने की दी थी सलाह, अब कसा शिकंजा
सीओ विधि भूषण मौर्य के अनुसार, ममता के बयान के आधार पर गुजरात के जामनगर निवासी नकुम भावेश को भी आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि उसी ने फोन पर उमाशंकर को रास्ते से हटाने की सलाह दी थी और ममता को भरोसा दिलाया था कि हत्या के बाद वह उसे अपने साथ रखेगा। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के लोहरपुरी गांव में शुक्रवार रात उमाशंकर की हत्या हुई थी। पुलिस ने आरोपी पत्नी ममता से पूछताछ की तो सामने आया कि हत्या के पीछे पत्नी ममता और उसके कथित दूसरे पति नकुम भावेश की सोची-समझी साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से चित्तरपुर गांव निवासी उमाशंकर गुजरात में मजदूरी करता था। वर्ष 2024 में वह पत्नी ममता और बच्चों को भी अपने साथ गुजरात ले गया था। वहां एक फैक्टरी में काम करने के दौरान ममता की मुलाकात गुजरात के जामनगर निवासी नकुम भावेश से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और ममता ने पति से छिपाकर उससे शादी भी कर ली। इसकी जानकारी होने पर दोनों में विवाद शुरू हो गया और एक माह बाद ही उमाशंकर पत्नी और बच्चों को लेकर गांव लौट आया, लेकिन ममता का नकुम से संपर्क लगातार बना रहा। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रही। नकुम पूरनपुर में आकर ममता से मिलने लगा। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होने लगा।
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पुलिस पूछताछ में ममता ने बताया कि पांच दिन पहले उमाशंकर गुजरात से घर लौटा था। इसके बाद दोनों के बीच नकुम भावेश को लेकर झगड़े बढ़ गए। 31 जुलाई को उसने नकुम को फोन कर पति से परेशान होने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने उमाशंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पहले जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने की योजना बनी, लेकिन बाद में फैसला किया गया कि उमाशंकर की नींद की गोलियों का ही इस्तेमाल किया जाए, ताकि किसी को शक न हो। उमाशंकर खुद अनिद्रा के कारण कभी-कभी नींद की गोलियां खाता था और दवा घर में ही रखी थी। संवाद
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अच्छी नींद के बहाने मासूम के हाथ भेजा मौत का गिलास
शुक्रवार शाम ममता गांव से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाई। उसने करीब 15 नींद की गोलियां पीसकर उसमें मिला दीं। शाम करीब पांच बजे उमाशंकर घर आया और छत पर पड़ी चारपाई पर लेटने चला गया। इसके बाद ममता ने अपनी बेटी गीता को यह कहकर गिलास दिया कि इसमें एक गोली है, जिससे पिता को अच्छी नींद आ जाएगी। मासूम बेटी ने अनजाने में वही कोल्ड ड्रिंक पिता को पिला दी। कुछ देर बाद उमाशंकर गहरी नींद में चला गया। शाम करीब सात बजे बेटा विकास उर्फ विवेक घर आया तो कई बार पिता को खाने के लिए बुलाने छत पर जाना चाहता था, लेकिन ममता ने उसे यह कहकर रोक दिया कि उन्हें सोने दो, परेशान मत करो। रात करीब नौ बजे बच्चे खाना खाकर लेट गए। बच्चों के सो जाने के बाद भी ममता ने वारदात की। उमाशंकर की छटपटाहट सुनकर बेटा छत पर पहुंचा तो ममता वहां से भाग निकली। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन और ठुड्डी पर चोट के निशान मिले, जिससे गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
बदमाशों पर हत्या का ठीकरा फोड़ने की थी तैयारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद ममता वारदात को बदमाशों की लूटपाट के दौरान हुई हत्या दिखाना चाहती थी। इसके लिए वह पहले ही पूरनपुर से एक सीढ़ी खरीदकर लाई थी। उसने अपने जेवर भी एक पोटली में अलग रख दिए थे, ताकि बाद में बदमाशों द्वारा हत्या और जेवर लूटकर ले जाने की कहानी गढ़ी जा सके। हालांकि बच्चों के जाग जाने से उसकी यह साजिश पूरी नहीं हो सकी। पुलिस पूछताछ में उसने इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं बोला।
उमाशंकर को रास्ते से हटाने की दी थी सलाह, अब कसा शिकंजा
सीओ विधि भूषण मौर्य के अनुसार, ममता के बयान के आधार पर गुजरात के जामनगर निवासी नकुम भावेश को भी आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि उसी ने फोन पर उमाशंकर को रास्ते से हटाने की सलाह दी थी और ममता को भरोसा दिलाया था कि हत्या के बाद वह उसे अपने साथ रखेगा। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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