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Pilibhit News: मधुमेह रोगियों को बढ़ा आंखों का खतरा, रोजाना पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:04 AM IST
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जिला अस्पताल में मरीज की आंख की जांच करतीं चिकित्सक। संवाद
- फोटो : गोंदलामऊ के उत्तर धौना गांव में तैयार पानी की टंकी।
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पीलीभीत। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों मोतियाबिंद के ऑपरेशन तेजी से बढ़े हैं। नियमित 250 मरीजों के नेत्र परामर्श में 4-5 मरीजों में मोतियाबिंद पाया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि उम्रदराज मरीजों में मधुमेह स्तर बढ़ने के चलते उनमें मोतियाबिंद की समस्या देखी जा रही है। ऑपरेशन के बाद उनको मधुमेह से बचाव की भी सलाह दी जा रही है।
मधुमेह लोगों में तमाम प्रकार की बीमारियां लेकर आती है। इन दिनों मधुमेह ने मरीजों के आंखों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शुगर स्तर बढ़ने से मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंख से धुंधला दिखने की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं, जहां जांच में मोतियाबिंद के पीछे का कारण मधुमेह देखा जा रहा है।
नेत्र रोग विभाग में जनवरी में 8668 मरीजों की ओपीडी में 72 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए। वहीं, फरवरी में ओपीडी संख्या घटकर 7889 रह गई, जबकि मोतियाबिंद के मरीज बढ़कर 123 हो गए। 16 मार्च तक 62 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। नेत्र सर्जन डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि उम्रदराज मोतियाबिंद के मरीजों में मधुमेह स्तर अधिक पाया गया। इससे उनकी समस्या बढ़ रही है।
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आंखों से धुंधला दिखने वाले मरीजों को चिकित्सक की सलाह
नेत्र सर्जन डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अधिक दवा का सेवन करने, लंबे समय तक धूप में रहने, आंख में चोट लगने या पिछली आंख की सर्जरी होने आदि से मोतियाबिंद की बीमारी हो जाती है। ऐसे में बिना चिकित्सक परामर्श के दवा का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। आंखों में कोई भी बीमारी हो उसके लिए परामर्श लेने के बाद ही ड्रॉप डालें। धूप में चश्मे का प्रयोग करें।
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मधुमेह लोगों में तमाम प्रकार की बीमारियां लेकर आती है। इन दिनों मधुमेह ने मरीजों के आंखों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शुगर स्तर बढ़ने से मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंख से धुंधला दिखने की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं, जहां जांच में मोतियाबिंद के पीछे का कारण मधुमेह देखा जा रहा है।
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नेत्र रोग विभाग में जनवरी में 8668 मरीजों की ओपीडी में 72 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए। वहीं, फरवरी में ओपीडी संख्या घटकर 7889 रह गई, जबकि मोतियाबिंद के मरीज बढ़कर 123 हो गए। 16 मार्च तक 62 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। नेत्र सर्जन डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि उम्रदराज मोतियाबिंद के मरीजों में मधुमेह स्तर अधिक पाया गया। इससे उनकी समस्या बढ़ रही है।
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आंखों से धुंधला दिखने वाले मरीजों को चिकित्सक की सलाह
नेत्र सर्जन डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अधिक दवा का सेवन करने, लंबे समय तक धूप में रहने, आंख में चोट लगने या पिछली आंख की सर्जरी होने आदि से मोतियाबिंद की बीमारी हो जाती है। ऐसे में बिना चिकित्सक परामर्श के दवा का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। आंखों में कोई भी बीमारी हो उसके लिए परामर्श लेने के बाद ही ड्रॉप डालें। धूप में चश्मे का प्रयोग करें।