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Pilibhit News: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शव हाईवे पर रख लगाया दो घंटे तक जाम, अब अंतिम संस्कार से किया इन्कार
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बीसलपुर। गांव गोवल में मारपीट के दौरान घायल रवि प्रकाश की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने से नाराज होकर परिजन और रिश्तेदारों ने गांव के सामने से गुजर रहे बीसलपुर-बरेली हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान कई थानों की पुलिस भी मौजूद रही। एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर परिजन माने। करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका। शाम चार बजे बीसलपुर- बरेली हाईवे पर दोबारा जाम लगा दिया। परिजनों ने कह दिया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाएगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हालांकि पुलिस ने एक आरोपी विवेक कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गांव गोवल पतीपुरा में 27 मार्च को खेत पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों के करीब 10 लोग घायल हो गए थे। इसमें पक्ष के रवि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी के बाद हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल के बजाय बरेली के निजी अस्पताल लेकर गए थे, जहां मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह 9:30 बजे परिजनों ने हाईवे पर शव रख कर जाम लगा दिया गया। मौके पर पहुंचे कोतवाल संजीव शुक्ला ने यह कहकर जाम खुलवाने का प्रयास किया कि एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष नामजद आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जाम लगाने वालों का कहना था कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया। जाम लगने से बीसलपुर मार्ग और बरेली मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एसडीएम नागेंद्र पांडेय और सीओ प्रगति चौहान ने जाम लगाने वालों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। जाम लगाने वाली महिलाओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उन्हें बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया, तो वे आत्मदाह कर लेंगे। कई राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंच गए।
तीन जिलों में 12 स्थानों पर आरोपियों की हुई तलाश
कोतवाल ने बताया कि बरेली से पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आते ही बुधवार को पहले से ही दर्ज जानलेवा हमले की प्राथमिकी में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। भागे हत्या आरोपियों की तलाश में मंगलवार की रात पुलिस ने पीलीभीत, शाहजहांपुर और बरेली के 12 स्थानों पर दबिश दी। आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। कोतवाल ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से एक पत्र दिया गया। इसमें एक और आरोपी को नामजद करते हुए चार अज्ञात शामिल किए गए। दोपहर करीब 11:30 बजे एसडीएम प्रमेंद्र कुमार और सीओ प्रगति सिंह के इस आश्वासन पर जाम खत्म किया गया कि अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
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पूर्व मंत्री ने भी दिया आश्वासन, नहीं माने परिजन
कोतवाल ने यह भी बताया कि अब तक दो नामजद आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मृतक पक्ष के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी निरस्त कर दी गई है। परिजन नामजद आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। पूर्व मंत्री राम सरन वर्मा ने यह कहकर परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने का सुझाव दिया कि दो दिन के भीतर पुलिस सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तो धरने में परिजनों के साथ वह भी बैठेंगे। पूर्व मंत्री की इस बात पर भी परिजन तैयार नहीं हुए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीओ सिटी ने मृतक के घर वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शव को लेकर घर तो चले गए, लेकिन देर शाम तक मांग को लेकर अंतिम संस्कार नहीं किया।
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गांव गोवल पतीपुरा में 27 मार्च को खेत पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों के करीब 10 लोग घायल हो गए थे। इसमें पक्ष के रवि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी के बाद हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल के बजाय बरेली के निजी अस्पताल लेकर गए थे, जहां मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह 9:30 बजे परिजनों ने हाईवे पर शव रख कर जाम लगा दिया गया। मौके पर पहुंचे कोतवाल संजीव शुक्ला ने यह कहकर जाम खुलवाने का प्रयास किया कि एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष नामजद आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जाम लगाने वालों का कहना था कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया। जाम लगने से बीसलपुर मार्ग और बरेली मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एसडीएम नागेंद्र पांडेय और सीओ प्रगति चौहान ने जाम लगाने वालों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। जाम लगाने वाली महिलाओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उन्हें बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया, तो वे आत्मदाह कर लेंगे। कई राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंच गए।
तीन जिलों में 12 स्थानों पर आरोपियों की हुई तलाश
कोतवाल ने बताया कि बरेली से पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आते ही बुधवार को पहले से ही दर्ज जानलेवा हमले की प्राथमिकी में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। भागे हत्या आरोपियों की तलाश में मंगलवार की रात पुलिस ने पीलीभीत, शाहजहांपुर और बरेली के 12 स्थानों पर दबिश दी। आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। कोतवाल ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से एक पत्र दिया गया। इसमें एक और आरोपी को नामजद करते हुए चार अज्ञात शामिल किए गए। दोपहर करीब 11:30 बजे एसडीएम प्रमेंद्र कुमार और सीओ प्रगति सिंह के इस आश्वासन पर जाम खत्म किया गया कि अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
पूर्व मंत्री ने भी दिया आश्वासन, नहीं माने परिजन
कोतवाल ने यह भी बताया कि अब तक दो नामजद आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मृतक पक्ष के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी निरस्त कर दी गई है। परिजन नामजद आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। पूर्व मंत्री राम सरन वर्मा ने यह कहकर परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने का सुझाव दिया कि दो दिन के भीतर पुलिस सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तो धरने में परिजनों के साथ वह भी बैठेंगे। पूर्व मंत्री की इस बात पर भी परिजन तैयार नहीं हुए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीओ सिटी ने मृतक के घर वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शव को लेकर घर तो चले गए, लेकिन देर शाम तक मांग को लेकर अंतिम संस्कार नहीं किया।