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Pilibhit News: एक तो ई-रिक्शा व टेंपाे से सफर, वो भी इतने ज्यादा बच्चे
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जहानाबाद क्षेत्र के एक निजी स्कूल के वाहन में बैठाए गए क्षमता से अधिक बच्चे संवाद
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पीलीभीत। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनाए गए नियम जमीनी स्तर पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। शहर से लेकर अमरिया, जहानाबाद, बरखेड़ा और पूरनपुर तक ई-रिक्शा, टेंपो और मैजिक जैसे वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
हैरानी की बात यह है कि स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार अफसर इस स्थिति से अनजान बने हुए हैं। कई जगह बच्चों को ठूंसकर वाहन में बैठाया जा रहा है, जबकि अभिभावकों को भी इसकी सही जानकारी नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। जिले में 500 से अधिक निजी स्कूल हैं, जबकि स्कूली वाहनों के नाम पर केवल 380 वाहन ही पंजीकृत हैं। करीब छह वाहनों की फिटनेस अधूरी पाई गई है, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
जिले में स्कूल 500 से अधिक, पंजीकरण सिर्फ 380 वाहनों का ही ः जिले में अगर निजी स्कूलों की बात की जाए तो इनकी संख्या 500 से अधिक बताई जा रही है। इनमें स्कूली वाहनों के नाम पर महज 380 वाहनों का ही पंजीकरण है, जबकि सभी स्कूलाें में वाहनों का संचालन किया जा रहा है। करीब छह वाहनों की फिटनेस अधूरी है। इनको नोटिस जारी किया गया है। संवाद
मानकों की अनदेखी कर वाहनों का संचालन करता चालक
शहर के अमरिया कस्बे में संचालित एक निजी स्कूल के बाहर कई ई-रिक्शा चालक बच्चों को लाते ले जाते दिखाई दिए। रिक्शे में चालक ने पीछे की सीट पर सात बच्चों को बैठाया था। वहीं, आगे की सीट पर भी दो बच्चे बैठे दिखे। पीछे की सीट पर सुरक्षा के नाम पर प्लास्टिक की रस्सी से कुछ बांध दिया। जाल सहित अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं दिखे। ई-रिक्शा के पीछे बैग रखने के लिए एक ट्राॅली भी बांधी गई थी।
ई-रिक्शा चालक ने अपनी सीट पर बैठाए दो बच्चे
शहर के टनकपुर मार्ग पर दोपहर करीब 01.55 बजे छतरी चौराहे की तरह से गौहनिया चौराहे की तरफ एक ई-रिक्शा जाता दिखा। इस रिक्शे में चालक के पीछे की सीट पर करीब छह बच्चे बैठे दिखे। वहीं, चालक की सीट पर दोनों ओर दो बच्चे बैठाए गए। दोनों बच्चों ने बैग को गोद में रखा हुआ था। चालक बड़ी असहजता के साथ ई-रिक्शा चलाता हुआ जा रहा था।
स्कूली बस में खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए बच्चे
शहर के निजी स्कूल संचालक के स्कूल में बस का संचालन भी किया जा रहा है। बस में सुरक्षा के लिहाज से मानक पूरे दिखाई दिए, लेकिन बस में बच्चे खड़े होकर सफर करते हुए दिखाई दिए। ऐसे में अचानक में ब्रेक लगने पर हादसे की आंशका बनी रहती है।
खस्ताहाल टेंपो में डर के साये में सफर करते दिखे बच्चे
शहर के टनकपुर मार्ग स्थित एक निजी स्कूल के बाहर दोपहर करीब 01.52 बजे टेंपो खड़ा दिखाई दिया। इसमें चालक के बराबर में दो बच्चे और बीच की सीट पर करीब आठ, पीछे सीट पर दो बच्चों को बैठाया गया था। टेंपो खस्ताहाल था। इसमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इस टेंपो पर बैठे बच्चे खतरे के बीच में सफर करते नजर आए।
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स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एक अप्रैल से 15 तक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर कराया जा सके। इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें स्कूल प्रबंधन का भी सहयोग लिया जा रहा है।- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ
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हैरानी की बात यह है कि स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार अफसर इस स्थिति से अनजान बने हुए हैं। कई जगह बच्चों को ठूंसकर वाहन में बैठाया जा रहा है, जबकि अभिभावकों को भी इसकी सही जानकारी नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। जिले में 500 से अधिक निजी स्कूल हैं, जबकि स्कूली वाहनों के नाम पर केवल 380 वाहन ही पंजीकृत हैं। करीब छह वाहनों की फिटनेस अधूरी पाई गई है, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
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जिले में स्कूल 500 से अधिक, पंजीकरण सिर्फ 380 वाहनों का ही ः जिले में अगर निजी स्कूलों की बात की जाए तो इनकी संख्या 500 से अधिक बताई जा रही है। इनमें स्कूली वाहनों के नाम पर महज 380 वाहनों का ही पंजीकरण है, जबकि सभी स्कूलाें में वाहनों का संचालन किया जा रहा है। करीब छह वाहनों की फिटनेस अधूरी है। इनको नोटिस जारी किया गया है। संवाद
मानकों की अनदेखी कर वाहनों का संचालन करता चालक
शहर के अमरिया कस्बे में संचालित एक निजी स्कूल के बाहर कई ई-रिक्शा चालक बच्चों को लाते ले जाते दिखाई दिए। रिक्शे में चालक ने पीछे की सीट पर सात बच्चों को बैठाया था। वहीं, आगे की सीट पर भी दो बच्चे बैठे दिखे। पीछे की सीट पर सुरक्षा के नाम पर प्लास्टिक की रस्सी से कुछ बांध दिया। जाल सहित अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं दिखे। ई-रिक्शा के पीछे बैग रखने के लिए एक ट्राॅली भी बांधी गई थी।
ई-रिक्शा चालक ने अपनी सीट पर बैठाए दो बच्चे
शहर के टनकपुर मार्ग पर दोपहर करीब 01.55 बजे छतरी चौराहे की तरह से गौहनिया चौराहे की तरफ एक ई-रिक्शा जाता दिखा। इस रिक्शे में चालक के पीछे की सीट पर करीब छह बच्चे बैठे दिखे। वहीं, चालक की सीट पर दोनों ओर दो बच्चे बैठाए गए। दोनों बच्चों ने बैग को गोद में रखा हुआ था। चालक बड़ी असहजता के साथ ई-रिक्शा चलाता हुआ जा रहा था।
स्कूली बस में खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए बच्चे
शहर के निजी स्कूल संचालक के स्कूल में बस का संचालन भी किया जा रहा है। बस में सुरक्षा के लिहाज से मानक पूरे दिखाई दिए, लेकिन बस में बच्चे खड़े होकर सफर करते हुए दिखाई दिए। ऐसे में अचानक में ब्रेक लगने पर हादसे की आंशका बनी रहती है।
खस्ताहाल टेंपो में डर के साये में सफर करते दिखे बच्चे
शहर के टनकपुर मार्ग स्थित एक निजी स्कूल के बाहर दोपहर करीब 01.52 बजे टेंपो खड़ा दिखाई दिया। इसमें चालक के बराबर में दो बच्चे और बीच की सीट पर करीब आठ, पीछे सीट पर दो बच्चों को बैठाया गया था। टेंपो खस्ताहाल था। इसमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इस टेंपो पर बैठे बच्चे खतरे के बीच में सफर करते नजर आए।
स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एक अप्रैल से 15 तक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर कराया जा सके। इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें स्कूल प्रबंधन का भी सहयोग लिया जा रहा है।- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ

जहानाबाद क्षेत्र के एक निजी स्कूल के वाहन में बैठाए गए क्षमता से अधिक बच्चे संवाद

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जहानाबाद क्षेत्र के एक निजी स्कूल के वाहन में बैठाए गए क्षमता से अधिक बच्चे संवाद

जहानाबाद क्षेत्र के एक निजी स्कूल के वाहन में बैठाए गए क्षमता से अधिक बच्चे संवाद

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