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Pilibhit News: ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी, जीएसटी आईडी से सात करोड़ की खरीदारी
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व्हाट्सएप कॉल के जरिए ठग ने किया था संपर्क, एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
पीलीभीत। कोतवाली क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक फर्म संचालक को ऋण दिलाने का झांसा दिया गया। जालसाजों ने उनकी जीएसटी आईडी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद इन जानकारियों का उपयोग कर सात करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार किया। पीड़ित की शिकायत पर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी मोहम्मद नईम ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह शाहजी इंटर प्राइजेज नाम से फर्म संचालित करता है। इसके माध्यम से इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने और सर्विस का कार्य किया जाता है। पीड़ित ने बताया कि उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। इसमें कॉल करने वाले ने अपना नाम अजमल उर्फ समीर राणा बताया। उसने खुद को ऋण दिलाने वाला बताते हुए आईसीआईसीआई बैंक से ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया।
12 जनवरी को आरोपी ने बहाने से उसकी जीएसटी आईडी, पासवर्ड और आधार कार्ड नंबर हासिल कर लिए। इसके बाद 13 मार्च 2026 को उसे जीएसटी कार्यालय से फोन आया, इसमें बताया गया कि उसकी जीएसटी आईडी से करीब सात करोड़ रुपये की खरीदारी दिखाई गई और रिटर्न भी दाखिल नहीं किया गया है। रिटर्न दाखिल न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इस पर जब पीड़ित ने आरोपी से संपर्क किया तो उसने गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया।
इन नामों से दिखाई गई खरीद की फर्जी बिलिंग
मामले की सच्चाई जानने के लिए जब पीड़ित जीएसटी कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि उनकी फर्म के नाम पर नरेंद्र कुमार यादव, देवरत सिंह, अंकित कुमार सिंह, अजीत सिंह, वर्षा कुशवाहा, कृष्ण मुरारी, शिवम मिश्रा, संजय कुमार तिवारी, अभिनव, मोनू सिंह, विनोद कुमार, विजेंद्र प्रसाद और अनावक्षा आईटी प्राइवेट लिमिटेड नामों से फर्जी बिलिंग कर खरीद दिखाई गई है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी से की। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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पीलीभीत। कोतवाली क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक फर्म संचालक को ऋण दिलाने का झांसा दिया गया। जालसाजों ने उनकी जीएसटी आईडी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद इन जानकारियों का उपयोग कर सात करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार किया। पीड़ित की शिकायत पर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी मोहम्मद नईम ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह शाहजी इंटर प्राइजेज नाम से फर्म संचालित करता है। इसके माध्यम से इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने और सर्विस का कार्य किया जाता है। पीड़ित ने बताया कि उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। इसमें कॉल करने वाले ने अपना नाम अजमल उर्फ समीर राणा बताया। उसने खुद को ऋण दिलाने वाला बताते हुए आईसीआईसीआई बैंक से ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया।
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12 जनवरी को आरोपी ने बहाने से उसकी जीएसटी आईडी, पासवर्ड और आधार कार्ड नंबर हासिल कर लिए। इसके बाद 13 मार्च 2026 को उसे जीएसटी कार्यालय से फोन आया, इसमें बताया गया कि उसकी जीएसटी आईडी से करीब सात करोड़ रुपये की खरीदारी दिखाई गई और रिटर्न भी दाखिल नहीं किया गया है। रिटर्न दाखिल न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इस पर जब पीड़ित ने आरोपी से संपर्क किया तो उसने गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया।
इन नामों से दिखाई गई खरीद की फर्जी बिलिंग
मामले की सच्चाई जानने के लिए जब पीड़ित जीएसटी कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि उनकी फर्म के नाम पर नरेंद्र कुमार यादव, देवरत सिंह, अंकित कुमार सिंह, अजीत सिंह, वर्षा कुशवाहा, कृष्ण मुरारी, शिवम मिश्रा, संजय कुमार तिवारी, अभिनव, मोनू सिंह, विनोद कुमार, विजेंद्र प्रसाद और अनावक्षा आईटी प्राइवेट लिमिटेड नामों से फर्जी बिलिंग कर खरीद दिखाई गई है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी से की। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
