{"_id":"6a0cc15bd2ede85bb9003753","slug":"high-temperatures-are-expected-between-may-and-june-advisory-issued-pilibhit-news-c-121-1-ba11032-159902-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: मई-जून के मध्य अधिक तापमान रहने की संभावना, एडवाइजरी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: मई-जून के मध्य अधिक तापमान रहने की संभावना, एडवाइजरी जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीलीभीत। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, मई से जून के मध्य अधिक तापमान रहने की संभावना है।
लू और गर्मी से बचाव के लिए जनहित में एडवाइजरी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रसून द्विवेदी ने बताया कि लू व गर्मी से जन-हानि भी हो सकती है। इसके असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मौत की रोकथाम के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। कड़ी घूप में बाहर न निकलें। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच में। ज्यादा बार पानी पियें। प्यास न लगने पर भी पानी पिएं। हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। गमछा, टोपी, छाता, धूप के चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें। ओआरएस घोल या घर में बने पेय पदार्थ जैसे- छाछ, लस्सी, नींबू पानी, आम का पन्ना इत्यादि का अधिक सेवन करें।
अगर, तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद को फिट रखने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें। नियोक्ता और श्रमिक कार्य स्थल के पास ठंडा पेयजल उपलब्ध कराएं। वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों के लिए तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच कराएं। शिशुओं के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। संवाद
Trending Videos
लू और गर्मी से बचाव के लिए जनहित में एडवाइजरी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रसून द्विवेदी ने बताया कि लू व गर्मी से जन-हानि भी हो सकती है। इसके असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मौत की रोकथाम के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। कड़ी घूप में बाहर न निकलें। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच में। ज्यादा बार पानी पियें। प्यास न लगने पर भी पानी पिएं। हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। गमछा, टोपी, छाता, धूप के चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें। ओआरएस घोल या घर में बने पेय पदार्थ जैसे- छाछ, लस्सी, नींबू पानी, आम का पन्ना इत्यादि का अधिक सेवन करें।
अगर, तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद को फिट रखने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें। नियोक्ता और श्रमिक कार्य स्थल के पास ठंडा पेयजल उपलब्ध कराएं। वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों के लिए तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच कराएं। शिशुओं के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन