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Pilibhit News: 300 प्रसूताओं का अटका जेएसवाई से संबंधित भुगतान
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नौ दिनों से किसी के खाते में नहीं आई धनराशि, बढ़ी समस्या
पीलीभीत। नौ दिनों से जिले में 300 से अधिक प्रसूताओं के जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना) का भुगतान स्वास्थ्य विभाग से अटक गया है। लचर व्यवस्था के कारण विभाग की ओर से नवागत सीएमओ की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) तैयार नहीं की गई, जिसके चलते भुगतान पोर्टल से पात्रों के खाते में नहीं पहुंच पा रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण प्रसूताओं को प्रसव के 24-72 घंटे के अंदर उनके खाते में 1400 रुपये व शहरी प्रसूताओं के खाते में 1000 रुपये का भुगतान भेजा जाता है, ताकि वह अपनी सेहत के लिए पौष्टिक आहार खरीद सके। जेएसवाई भुगतान को लेकर आए दिन शासन से भी लेटलतीफी में शासन की फटकार लगती रहती है, लेकिन स्थानीय जिले में लचर व्यवस्था के चलते 300 से अधिक प्रसूताओं का जेएसवाई से संबंधित भुगतान रुक गया है।
बता दें कि अभी 9 दिन तक की डीएससी तैयार नहीं हो सकी है। डिजिटल सिग्नेचर नहीं होने से प्रसूताओं को भुगतान की अनुमति नहीं हो पाई है। हालांकि सीएमओ डॉ. भुवनचंद्र पंत का कहना है कि डीएससी बृहस्पतिवार से चालू हो जाएगी। इससे सभी को भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। संवाद
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पीलीभीत। नौ दिनों से जिले में 300 से अधिक प्रसूताओं के जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना) का भुगतान स्वास्थ्य विभाग से अटक गया है। लचर व्यवस्था के कारण विभाग की ओर से नवागत सीएमओ की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) तैयार नहीं की गई, जिसके चलते भुगतान पोर्टल से पात्रों के खाते में नहीं पहुंच पा रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण प्रसूताओं को प्रसव के 24-72 घंटे के अंदर उनके खाते में 1400 रुपये व शहरी प्रसूताओं के खाते में 1000 रुपये का भुगतान भेजा जाता है, ताकि वह अपनी सेहत के लिए पौष्टिक आहार खरीद सके। जेएसवाई भुगतान को लेकर आए दिन शासन से भी लेटलतीफी में शासन की फटकार लगती रहती है, लेकिन स्थानीय जिले में लचर व्यवस्था के चलते 300 से अधिक प्रसूताओं का जेएसवाई से संबंधित भुगतान रुक गया है।
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बता दें कि अभी 9 दिन तक की डीएससी तैयार नहीं हो सकी है। डिजिटल सिग्नेचर नहीं होने से प्रसूताओं को भुगतान की अनुमति नहीं हो पाई है। हालांकि सीएमओ डॉ. भुवनचंद्र पंत का कहना है कि डीएससी बृहस्पतिवार से चालू हो जाएगी। इससे सभी को भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। संवाद