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Pilibhit News: मौत का जाल बने धारदार तार, हाईवे से गांवों तक लगे हैं खुलेआम

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:26 AM IST
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Razor-sharp wires have become death traps; they are openly installed from highways to villages.
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पीलीभीत। जिले में हाईवे से लेकर गांवों तक खेतों और निजी परिसरों की घेराबंदी के लिए खुलेआम लगाए गए ब्लेड वाले धारदार (रेजर वायर) तार अब लोगों और पशुओं की जान के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। इन पर रोक के लिए प्रशासन के कड़ाई के दावे महज निर्देशों तक ही सीमित है। इसी का नतीजा है कि बीसलपुर के गांव मैनी में बृहस्पतिवार सुबह मासूम की इन्हीं तारों में उलझकर मौत हो गई।

स्थिति यह है कि हाईवे किनारे, ग्रामीण संपर्क मार्गों और गांवों के आसपास बड़ी संख्या में ऐसे धारदार तार लगे हुए हैं, जो अंधेरे में दिखाई नहीं देते और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की घेराबंदी में लगाए गए रेजर वायर कई स्थानों पर सार्वजनिक मार्गों और आबादी के नजदीक तक फैले हुए हैं। इससे राहगीरों और पशुओं को गंभीर खतरा बना रहता है।
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जानकारों के अनुसार, ब्लेड वाले तार सामान्य कंटीले तार से कहीं अधिक खतरनाक होते हैं। इसमें स्टील के मोटे तार के ऊपर तेज धार वाले छोटे ब्लेड या पत्तियां एक खास क्रम में कसी जाती हैं। इनसे छूने से ही शरीर पर गहरे घाव हो जाते हैं। यही वजह है कि इसका उपयोग मुख्य रूप से जेलों, सैन्य छावनियों, संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में किया जाता है। कृषि भूमि एवं आबादी वाले क्षेत्रों में इसका प्रयोग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं माना जाता। संवाद
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समय पर उपचार मिल जाता तो बच सकती थी राजन की जान
बीसलपुर। हादसे में राजन की मौत से परिजन और गांव के लोग दुखी हो गए। गांव में लोग चर्चा करते सुने गए कि यदि राजन को समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

बताया जाता है कि तारों में उलझकर बेहोश होने की घटना बृहस्पतिवार सुबह करीब सवा छह बजे की है। राजन की खराब हालत देखकर बाइक चलाने वाला किशोर घबरा गया और वह चुपचाप अपने घर आ गया। उसने राजन के परिजनों को मामले की जानकारी नहीं दी, यदि वह किशोर राजन को अपनी बाइक पर बिठाकर उसके घर ले जाता और घर वाले उसे उसी समय से अस्पताल ले जाते तो राजन की जान बच सकती थी। राजन के दादा नत्थू लाल वर्मा करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद राजन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर ले जाते हुए दो घंटे बीत गए। तब तक राजन के पैर से काफी रक्तस्राव हो गया था। तब डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। संवाद
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घटना के बाद रिश्तेदार और ग्रामीण उमड़े, परिजनों को बंधा रहे ढाढ़स
राजन के परिवार की माली स्थिति है काफी खराब ः राजन के घर की माली स्थिति काफी खराब है। उसके पिता कुंवरसेन गुरुग्राम में रिक्शा चलाते हैं। परिजनों से जानकारी मिलते ही वह गुरुग्राम से गांव के लिए रवाना हो गए थे। उनके शुक्रवार की सुबह तक आने की उम्मीद है। उनका दो कमरे का छोटा सा मकान है। इनके पास केवल दो बीघा जमीन है। माली हालत काफी खराब होने के कारण कुंवरसेन के वृद्ध पिता भी मजदूरी करते हैं। कुंवरसेन होली पर घर आए थे। होली का पर्व निपटने के बाद चले गए थे। वह दीपावली पर आने की बात कह गए थे, लेकिन हादसा हो जाने की वजह से उन्हें बीच में ही आना पड़ रहा है। मृतक के दादा, पिता, मां संजू देवी, भाई प्रभात कुमार, बहन प्रियांशी और मामा सत्यपाल का रो-रोकर हाल बेहाल है। राजन की असामयिक मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। अधिकांश ग्रामीण इस शोक की वजह से खेतों पर काम करने नहीं गए।
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फंस जाने के डर से किशोर नहीं आया सामनेे

जिस किशोर की बाइक पर बैठकर राजन खेतों पर घूमने गया था, वह मामले में फंसने के डर से सामने नहीं आया। डर की वजह से ही किशोर घायल राजन को अपनी बाइक से घर तक नहीं लाया। दरअसल किशोर दर्शाना चाहता था कि राजन उसकी बाइक पर बैठकर गया ही नहीं था। हालांकि जिन लोगों ने घटना देख ली, उन्होंने राजन के परिजनों को मामले की पूरी जानकारी दे दी। बाइक चलाने वाले किशोर से जब बात करने का प्रयास किया गया तो उसके परिजनों ने यह कह दिया कि हादसे में उसके भी कुछ चोटें आई हैं और वह लेटा हुआ है। उसने नींद की दवाई खाई हुई है।
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पिता का लाडला था राजन, रोज करता था फोन पर बात

बीसलपुर। राजन मोबाइल फोन पर रोजाना शाम को अपने पापा से बात करता था। दरअसल कुंवरसेन अपने तीनों बच्चों में राजन को काफी ज्यादा प्यार करते थे। राजन अपने पापा से अक्सर कोई न कोई चीज लाने की फरमाइश भी करता रहता था। कुंवरसेन राजन की सभी फरमाइशों को पूरा भी करते थे। राजन की बुधवार की शाम को भी अपने पापा से करीब पांच मिनट बात हुई थी। संवाद
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15 दिन के भीतर मेड़ोें से हटवाए जाएंगे कंटीले तार

बीसलपुर। एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने गांव मैनी के हादसे को गंभीरता से लेते हुए तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों और लेखपालों को 15 दिन के भीतर खेतों की मेड़ों पर अवैध रूप से लगवाए गए कांटे व ब्लेड वाले तार हरहाल में हटवाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान ने तार नहीं हटाए तो जबरन हटवा दिए जाएंगे। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम नागेंद्र पांडेय और सीओ विधि भूषण मौर्य ने बृहस्पतिवार शाम राजन के घर जाकर परिजनों से पूरी मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने एसडीएम से खेतों की मेड़ों पर अवैध रूप से लगाए गए कांटे वाले तार हटवाने की मांग की। संवाद
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