Pilibhit News: अनाथ बच्चों ने लगाई गुहार, डीएम ने तत्काल उपलब्ध कराई मदद, इस योजना का मिलेगा लाभ
पीलीभीत में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए माता-पिता खो चुके बेसहारा बच्चों की मदद के लिए तत्काल प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराई। कलक्ट्रेट पहुंचे तीन अनाथ भाई-बहनों की समस्या सुनकर डीएम ने अधिकारियों को मौके पर भेजा और फिर शाम को एक अन्य जरूरतमंद परिवार के घर भी पहुंचकर राहत दिलाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने अनाथ बच्चों और बेसहारा परिवार के लिए प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराई। उन्होंने पहले कलक्ट्रेट पहुंचे तीन अनाथ भाई-बहनों की समस्या सुनी। इसके बाद शाम को एक अन्य जरूरतमंद परिवार के घर पहुंचकर राहत पहुंचाई। दोनों परिवारों के बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
शुक्रवार को एक किशोर अपनी दो छोटी बहनों (एक की उम्र सात वर्ष, दूसरी की उम्र नौ वर्ष) के साथ कलक्ट्रेट पहुंचा। उसने डीएम को बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। तीनों बच्चे पूरनपुर विकासखंड के ग्राम राजपुर महराजपुर के निवासी हैं। जिलाधिकारी ने तत्काल जिला प्रोबेशन अधिकारी को बुलाकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को बिस्किट, चॉकलेट, पानी और आर्थिक सहायता भी दी।
उपजिलाधिकारी कलीनगर और खंड विकास अधिकारी पूरनपुर को गांव पहुंचकर मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी बच्चों को गांव ले गए, जहां उनके माता-पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराए गए और राशन उपलब्ध कराया गया। बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही सभी बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा।
गांव में अन्य बच्चों को भी मिली सहायता
निरीक्षण के दौरान गांव में दो अन्य अनाथ बच्चों की जानकारी मिली। प्रशासन ने उनके मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदन भी मौके पर ही ऑनलाइन कराए। इससे उन्हें भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे।
ताराबेगम के परिवार को मिला सहारा
शाम को जिलाधिकारी शहर के चिड़ियादाह मोहल्ले में ताराबेगम के घर पहुंचे। ताराबेगम के पति और पुत्र का निधन हो चुका है, जबकि बहू अपने दो बच्चों को छोड़कर चली गई है। जिलाधिकारी ने ताराबेगम के पति और पुत्र के मृत्यु प्रमाणपत्र तत्काल जारी कराने के निर्देश दिए। आय प्रमाणपत्र बनवाने को भी कहा ताकि उन्हें विधवा पेंशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने ताराबेगम को आर्थिक सहायता दी और राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।