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Pilibhit News: स्ट्रोक के मरीजों के लिए आईसीयू में शुरू हुआ पुनर्वास
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज की देखरेख करते चिकित्सक। स्रोत- मेडिकल कॉलेज प्रशासन
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पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय ने स्ट्रोक (ब्रेन अटैक) के मरीजों के उपचार में एक नई पहल करते हुए आईसीयू स्तर पर ही उन्नत प्रारंभिक स्ट्रोक पुनर्वास (अर्ली आईसीयू स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन) शुरू कर दिया है। अब गंभीर मरीजों को भर्ती होने के 24 से 48 घंटे के भीतर ही नियंत्रित और सुरक्षित फिजियोथेरेपी, पोषण प्रबंधन और बहु-विषयक पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि इससे मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में अधिक तेज होगी।
इस पहल का उद्देश्य स्ट्रोक मरीजों को केवल जीवन रक्षक उपचार देना नहीं, बल्कि शुरुआती दौर से ही उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने की प्रक्रिया शुरू करना है। अब तक आमतौर पर स्ट्रोक मरीजों का पुनर्वास तब शुरू किया जाता था, जब उनकी हालत स्थिर होने के बाद उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाता था, लेकिन पीलीभीत मेडिकल कॉलेज ने इस पारंपरिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए आईसीयू में ही पुनर्वास की शुरुआत कर दी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, इस माह इस नई व्यवस्था के तहत तीन गंभीर स्ट्रोक मरीजों और कई पुराने सेरेब्रोवास्कुलर एक्सीडेंट (सीवीए) व अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार एवं पुनर्वास किया गया है। संवाद
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इस पहल का उद्देश्य स्ट्रोक मरीजों को केवल जीवन रक्षक उपचार देना नहीं, बल्कि शुरुआती दौर से ही उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने की प्रक्रिया शुरू करना है। अब तक आमतौर पर स्ट्रोक मरीजों का पुनर्वास तब शुरू किया जाता था, जब उनकी हालत स्थिर होने के बाद उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाता था, लेकिन पीलीभीत मेडिकल कॉलेज ने इस पारंपरिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए आईसीयू में ही पुनर्वास की शुरुआत कर दी है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, इस माह इस नई व्यवस्था के तहत तीन गंभीर स्ट्रोक मरीजों और कई पुराने सेरेब्रोवास्कुलर एक्सीडेंट (सीवीए) व अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार एवं पुनर्वास किया गया है। संवाद
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