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Pilibhit News: शारदा की नई धारा से बढ़ा कटान का खतरा
Sun, 09 Aug 2026 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:46 PM IST
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कलीनगर तहसील क्षेत्र में बहती शारदा नदी। स्रोत ग्रामीण
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कलीनगर। शारदा में फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है और जलस्तर भी सामान्य है। वहीं पिछले दो वर्षों में चौड़ाई बढ़ जाने से नदी की बाईं ओर बनी नई धारा लगातार कटान करते हुए आगे बढ़ रही है। इससे शारदा पार के क्षेत्र में टाइगर रिजर्व का जंगल और किसानों की कृषि भूमि नदी की जद में आ रही है। हालांकि दाहिने किनारे पर फिलहाल कटान कम होने से नदी किनारे बसे ग्रामीणों को राहत मिली हुई है।
शारदा नदी का स्वभाव हर साल बदलता रहता है। पिछले दो वर्षों में कलीनगर तहसील क्षेत्र में नदी की चौड़ाई बढ़ने के साथ उसकी धाराओं में भी बदलाव आया है। नदी की एक धारा पिछले वर्ष से ही बाईं ओर खिसक गई थी। इस धारा ने शारदा पार के इलाके में कटान शुरू कर दिया था। इस वर्ष अभी नदी का जलस्तर बहुत अधिक नहीं बढ़ा है, लेकिन इसके बावजूद बाएं किनारे की ओर कटान जारी है। एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि शारदा नदी में बाढ़ को लेकर राजस्व व सिंचाई विभाग की टीमें लगातार नजर रख रहीं हैं, जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। कटान की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
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रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र में कटान की स्थिति चिंताजनक
क्षेत्रीय किसानों के मुताबिक रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र में पिछले वर्ष भी कटान की स्थिति काफी गंभीर रही थी। नदी की धारा बाईं ओर बढ़ने से खेतों का कटान हुआ था। इस वर्ष भी पानी बढ़ने के साथ नदी का रुख इसी ओर बना हुआ है। कई स्थानों पर नदी का बहाव किनारे की जमीन को लगातार काट रहा है। इससे किसानों को अपनी कृषि भूमि के नदी में समाने की चिंता सताने लगी है। शारदा की नई धारा का असर केवल कृषि भूमि तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र में टाइगर रिजर्व का जंगल भी नदी के कटान की चपेट में आ रहा है।
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दाहिने किनारे पर राहत, बाएं किनारे पर बढ़ी चिंता
शारदा की एक धारा के बाईं ओर खिसकने से इस समय दाहिने किनारे के गांवों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसका दूसरा असर शारदा पार के इलाके में दिखाई दे रहा है। वहां नदी टाइगर रिजर्व के जंगल और किसानों की जमीन को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का रुख यदि इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में कटान का दायरा और बढ़ सकता है।
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शारदा नदी का स्वभाव हर साल बदलता रहता है। पिछले दो वर्षों में कलीनगर तहसील क्षेत्र में नदी की चौड़ाई बढ़ने के साथ उसकी धाराओं में भी बदलाव आया है। नदी की एक धारा पिछले वर्ष से ही बाईं ओर खिसक गई थी। इस धारा ने शारदा पार के इलाके में कटान शुरू कर दिया था। इस वर्ष अभी नदी का जलस्तर बहुत अधिक नहीं बढ़ा है, लेकिन इसके बावजूद बाएं किनारे की ओर कटान जारी है। एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि शारदा नदी में बाढ़ को लेकर राजस्व व सिंचाई विभाग की टीमें लगातार नजर रख रहीं हैं, जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। कटान की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
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रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र में कटान की स्थिति चिंताजनक
क्षेत्रीय किसानों के मुताबिक रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र में पिछले वर्ष भी कटान की स्थिति काफी गंभीर रही थी। नदी की धारा बाईं ओर बढ़ने से खेतों का कटान हुआ था। इस वर्ष भी पानी बढ़ने के साथ नदी का रुख इसी ओर बना हुआ है। कई स्थानों पर नदी का बहाव किनारे की जमीन को लगातार काट रहा है। इससे किसानों को अपनी कृषि भूमि के नदी में समाने की चिंता सताने लगी है। शारदा की नई धारा का असर केवल कृषि भूमि तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र में टाइगर रिजर्व का जंगल भी नदी के कटान की चपेट में आ रहा है।
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दाहिने किनारे पर राहत, बाएं किनारे पर बढ़ी चिंता
शारदा की एक धारा के बाईं ओर खिसकने से इस समय दाहिने किनारे के गांवों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसका दूसरा असर शारदा पार के इलाके में दिखाई दे रहा है। वहां नदी टाइगर रिजर्व के जंगल और किसानों की जमीन को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का रुख यदि इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में कटान का दायरा और बढ़ सकता है।