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Pilibhit News: गोशाला में दो दिन में सात गोवंशों की मौत, संस्था के सुपरवाइजर को पुलिस ने पकड़ा
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ग्राम मूसेपुर जयसिंह गोशाला में जांच करते उपजिलाधिकारी ब अन्य अधिकारी संवाद
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बरखेड़ा। गांव मूसेपुर जयसिंह की वृहद गोशाला में पिछले दो दिनों में सात गोवंशों की मौत का मामला सामने आने पर बृहस्पतिवार को गुस्साए ग्रामीणों ने अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध जताकर हंगामा किया।
सूचना मिलते ही एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने गोशाला पहुंचकर जांच की। हालांकि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को जांच में तीन मृत गोवंश मिलने की बात कही है। गोशाला में चारा आपूर्ति करने वाली संस्था के सुपरवाइजर को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
ग्राम पंचायत मूसेपुर जयसिंह की प्रधान के पति दिगंबर दयाल ने बताया, पिछले दो दिनों में गोशाला में सात गोवंशों की मौत हुई है। गोशाला में भूसा में सरसों के तनों (तुरी) को मिलाकर पशुओं को दिया जा रहा। इसी कारण पशु बीमार होकर मर रहे हैं।
उधर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल ने गोशाला के विजिट रजिस्टर पर लिखा कि इसका कारण चारे की कमी से कमजोरी व हरा चारा 20 से 22 दिन से गोशाला पर उपलब्ध न होना है। इसकी सूचना भी संबंधित संस्था को दी गई थी। उन्होंने बताया कि सोशल हेरिटेज फाउंडेशन लखनऊ की संस्था की ओर से गोशाला को चारा आपूर्ति की जा रही है।
भूसा में सरसों के तनों (तुरी) को मिलाकर देने से पशुओं को गैस से संबंधित कई परेशानी हो सकती है। इससे पशु बीमार हो सकते हैं। संवाद
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सूचना मिलते ही एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने गोशाला पहुंचकर जांच की। हालांकि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को जांच में तीन मृत गोवंश मिलने की बात कही है। गोशाला में चारा आपूर्ति करने वाली संस्था के सुपरवाइजर को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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ग्राम पंचायत मूसेपुर जयसिंह की प्रधान के पति दिगंबर दयाल ने बताया, पिछले दो दिनों में गोशाला में सात गोवंशों की मौत हुई है। गोशाला में भूसा में सरसों के तनों (तुरी) को मिलाकर पशुओं को दिया जा रहा। इसी कारण पशु बीमार होकर मर रहे हैं।
उधर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल ने गोशाला के विजिट रजिस्टर पर लिखा कि इसका कारण चारे की कमी से कमजोरी व हरा चारा 20 से 22 दिन से गोशाला पर उपलब्ध न होना है। इसकी सूचना भी संबंधित संस्था को दी गई थी। उन्होंने बताया कि सोशल हेरिटेज फाउंडेशन लखनऊ की संस्था की ओर से गोशाला को चारा आपूर्ति की जा रही है।
भूसा में सरसों के तनों (तुरी) को मिलाकर देने से पशुओं को गैस से संबंधित कई परेशानी हो सकती है। इससे पशु बीमार हो सकते हैं। संवाद